देहरादून, छह जनवरी । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े किसी भी पहलू की जांच के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंकिता के माता-पिता से बातचीत करने और उनकी इच्छा जानने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हाल के दिनों में सामने आए एक ऑडियो में बोले गए नाम को लेकर प्रदेश का माहौल खराब करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम 10 से 20 सितंबर 2022 के दौरान उत्तराखंड आए ही नहीं थे, जिसकी पुलिस जांच भी हो चुकी है।
गौरतलब है कि विपक्षी दल इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए धामी ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य की जनता ने संवेदनशीलता के साथ अपनी राय रखी है, लेकिन सबसे अधिक प्रभावित अंकिता के माता-पिता और उनका परिवार हुआ है।
उन्होंने कहा, “मुख्य सेवक के रूप में मैं अंकिता के माता-पिता से बात करूंगा। उनसे चर्चा और कानूनी पहलुओं के अध्ययन के बाद, वे अपनी बेटी की हत्या के मामले में न्याय के लिए जो भी चाहेंगे, सरकार उसी दिशा में कदम बढ़ाएगी।”
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022 में हुए इस हृदयविदारक हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि घटना के संज्ञान में आते ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, अंकिता का शव बरामद किया गया और महिला पुलिस उपमहानिरीक्षक रेणुका देवी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने सभी पहलुओं से जांच की और परिवार सहित संबंधित लोगों से विस्तृत जानकारी एकत्र की।
धामी ने कहा कि न्यायालय में मजबूत पैरवी के परिणामस्वरूप तीनों आरोपी जेल से बाहर नहीं आ पाए और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हत्याकांड में कोई अन्य व्यक्ति शामिल होता, तो दोषी अवश्य उसका खुलासा करते।
पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा जारी किए गए कथित ऑडियो में ‘वीआईपी’ के नाम को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑडियो की सत्यता प्रमाणित होने के बाद सरकार हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) सहित अन्य माध्यमों से ऑडियो की जांच के लिए एक एसआईटी गठित कर दी गई है और पुलिस ऑडियो में सुनाई दे रहे लोगों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ऑडियो में कही गई बातों की सच्चाई सामने आनी चाहिए। सत्यता आते ही हम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। राज्य में भ्रम की स्थिति नहीं बननी चाहिए। हमारा ट्रैक रिकॉर्ड स्पष्ट है—गलत करने वाला कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।”
ऑडियो में किए गए विरोधाभासी दावों पर सवाल उठाते हुए धामी ने कहा कि कहीं उसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने की बात कही जा रही है, तो कहीं अंकिता की हत्या या आत्महत्या का जिक्र है। उन्होंने पूछा, “अब इनमें से कौन-सी बात सच मानी जाए?”
मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि यह सब कहीं जेल में बंद दोषियों को छुड़ाने की साजिश तो नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिया गया, जबकि पुलिस जांच और सोशल मीडिया रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि वे उस अवधि में उत्तराखंड आए ही नहीं थे।
ऑडियो में शामिल लोगों से सामने आने की अपील करते हुए धामी ने कहा कि उन्हें भागने के बजाय यह बताना चाहिए कि उन्होंने किस आधार पर ऐसे दावे किए। उन्होंने कहा, “जांच चल रही है। धुंध छटेगी और सच सामने आएगा।”
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों—सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता—के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। सत्र न्यायालय इस मामले में तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना चुका है।
