13-14 जुलाई को होगा आयोजन; ‘हर हुनर को सम्मान, हर युवा को रोजगार’ के लक्ष्य पर जोर, जीरो पॉवर्टी अभियान के युवाओं और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता
लखनऊ, 11 जुलाई। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हर हाथ को हुनर, हर हुनर को रोजगार’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से 13 और 14 जुलाई को प्रदेश के 74 जिलों में वृहद राज्य स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
इन रोजगार मेलों का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उद्योगों और रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ना है। सरकार का कहना है कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि उनके हुनर के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता है।
‘हर हुनर को सम्मान, हर युवा को रोजगार’ का लक्ष्य
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में योगी सरकार ने कौशल विकास को उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षित युवा अब देश और विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। विश्व युवा कौशल दिवस पर एक साथ 74 जिलों में रोजगार मेले आयोजित करना युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि युवाओं के हर कौशल को पहचान मिले और उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध हों।
जीरो पॉवर्टी अभियान के लाभार्थियों को विशेष प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि रोजगार मेलों में ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ के तहत चिन्हित अत्यंत गरीब परिवारों के युवाओं और दिव्यांगजनों को विशेष प्राथमिकता दी जाए।
सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को रोजगार के अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके साथ ही दिव्यांग युवाओं को भी उनकी क्षमता और कौशल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिलों में तैयारियां तेज
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि रोजगार मेलों का आयोजन जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारियों, कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयकों और एमआईएस मैनेजर के समन्वय से किया जाएगा।
जिलाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल का चयन करने, निजी कंपनियों और उद्योग संस्थानों को आमंत्रित करने तथा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
युवाओं और उद्योगों के बीच बनेगा सीधा संपर्क
इन रोजगार मेलों में विभिन्न क्षेत्रों की निजी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा, जो प्रशिक्षित युवाओं का चयन करेंगी। इससे युवाओं को एक ही मंच पर कई रोजगार विकल्प उपलब्ध होंगे और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा।
सरकार का मानना है कि कौशल विकास और रोजगार के बीच मजबूत तालमेल स्थापित कर प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
कौशल विकास से बदलेगी युवाओं की तस्वीर
उत्तर प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण, आईटीआई विस्तार और रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि रोजगार मेलों जैसी पहलों से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के युवाओं तक रोजगार के अवसर पहुंचाने में मदद मिलेगी।
विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित यह अभियान प्रदेश में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर भविष्य के अवसरों से जोड़ने की दिशा में सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
