तमिलनाडु में सियासी इतिहास रचने की ओर विजय, रजनीकांत और कमल हासन से आगे निकले ‘थलापति’

चेन्नई, 4 मई 2026। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। फिल्मी दुनिया के सुपरस्टार से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चुनावी रुझानों में 80 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह बढ़त न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि राज्य की पारंपरिक राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत भी मानी जा रही है।

दशकों से द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के बीच सिमटी तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री ने नया समीकरण खड़ा कर दिया है। शुरुआती रुझानों में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है, जिससे सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

दिग्गजों से अलग राह

तमिल सिनेमा के दो बड़े नाम रजनीकांत और कमल हासन भी राजनीति में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं, लेकिन वे वह असर नहीं छोड़ पाए जो विजय ने अपने पहले ही बड़े चुनाव में दिखा दिया है। रजनीकांत ने राजनीति में आने का ऐलान तो किया, लेकिन सक्रिय रूप से चुनावी मैदान में नहीं उतरे। वहीं कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम (MNM) को जमीनी स्तर पर मजबूत समर्थन नहीं मिल सका।

जो रजनीकांत और कमल हासन नहीं कर पाए, वो विजय ने कर दिखाया; बन सकते हैं असली थलापति

विजय की रणनीति बनी ताकत

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, विजय की सफलता के पीछे उनकी लंबी तैयारी और मजबूत संगठन है। उन्होंने अपने फैन क्लब्स को धीरे-धीरे सामाजिक और राजनीतिक नेटवर्क में बदला, जिससे उन्हें जमीनी स्तर पर व्यापक समर्थन मिला। इसके अलावा युवाओं और नए मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता ने भी उन्हें बढ़त दिलाई।

बदलते संकेत

रुझान अगर नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यह तमिलनाडु में तीसरे राजनीतिक विकल्प के मजबूत उभरने का संकेत होगा। इससे राज्य की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही द्विध्रुवीय व्यवस्था को चुनौती मिल सकती है।

आगे क्या?

हालांकि अंतिम नतीजे आना बाकी हैं, लेकिन फिलहाल के रुझान यह साफ कर रहे हैं कि विजय तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभर चुके हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वे इस बढ़त को जीत में बदलकर ‘असली थलापति’ की पहचान कायम कर पाएंगे।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *