लखनऊ, 27 फरवरी 2026। इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय ‘मीन महोत्सव एवं एक्वा एक्सपो 2026’ का शुभारम्भ केन्द्रीय राज्यमंत्री एस.पी. सिंह बघेल और प्रदेश के मत्स्य मंत्री संजय कुमार निषाद ने संयुक्त रूप से किया। लखनऊ में पहली बार आयोजित इस एक्सपो में देश-प्रदेश के वैज्ञानिकों, उद्यमियों और लगभग एक हजार मत्स्य पालकों ने भाग लिया, जबकि 50 प्रतिष्ठित कंपनियों ने औद्योगिक प्रदर्शनी व स्टॉल लगाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय राज्यमंत्री बघेल ने कहा कि आधुनिक तकनीकों के प्रसार, उद्यमिता संवर्द्धन और किसानों की आय वृद्धि के लिए यह मंच अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी बनाने, एक्वा पर्यटन को बढ़ावा देने तथा किसानों को केन्द्रीय योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही प्रदेश में एनएफडीबी सेंटर स्थापित करने की दिशा में कार्य करने की बात भी कही।
प्रदेश के मत्स्य मंत्री निषाद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक राज्य बन चुका है। राज्य में मछली उत्पादन की विकास दर 115.5 प्रतिशत दर्ज की गई है और पिछले छह वर्षों में उत्पादन बढ़कर 13.3 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति, गुणवत्तायुक्त बीज, तकनीकी प्रशिक्षण और बाजार से सीधा जुड़ाव किसानों की आय बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, फीड और तकनीक के बेहतर समन्वय से आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन सकता है। वहीं अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 6 लाख हेक्टेयर से अधिक जलक्षेत्र उपलब्ध है, जिसका उपयोग उत्पादकता बढ़ाने में किया जाएगा।
महोत्सव में फिश फूड कोर्ट, प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम, तकनीकी सत्र, हैचरी प्रबंधन, केज कल्चर, झींगा पालन, आर्नामेन्टल फिश फार्मिंग तथा निवेश अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। विशेषज्ञों ने जल गुणवत्ता प्रबंधन, बहुप्रजाती पालन और कोल्ड चेन विकास को मत्स्य क्षेत्र की प्रगति के प्रमुख आधार बताया।
यह आयोजन मत्स्य पालन को औद्योगिक स्तर पर विकसित करने, रोजगार सृजन बढ़ाने और प्रदेश में एक्वा आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
