दुबई, 14 मार्च (Agency)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के तेल नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों को शुक्रवार को नष्ट कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में हस्तक्षेप करना जारी रखता है तो उसकी तेल अवसंरचना को भी निशाना बनाया जा सकता है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख टर्मिनल माना जाता है।
ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि इस तरह का हमला किया गया तो उसकी ओर से बड़े स्तर पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान के साथ युद्ध के लगभग दो सप्ताह बाद पश्चिम एशिया में 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों और एक युद्धपोत को भेजा जा रहा है।
ईरान लगातार इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। वहीं अमेरिकी और इजराइली युद्धक विमान पूरे ईरान में सैन्य और अन्य लक्ष्यों पर बमबारी कर रहे हैं।
इस बीच लेबनान में मानवीय संकट और गहरा गया है। वहां हमलों में लगभग 800 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 8 लाख 50 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। इजराइल ने ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं और चेतावनी दी है कि इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन कतर में स्थित अल-उदैद वायु सेना अड्डे पर आमतौर पर लगभग 8,000 अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं। यह क्षेत्र के सबसे बड़े वायु अड्डों में से एक माना जाता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, लेकिन फिलहाल तेल बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान या कोई अन्य देश होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में बाधा डालता है तो अमेरिका तेल अवसंरचना को नष्ट न करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने कहा कि यदि ईरान की दक्षिणी समुद्री सीमा पर स्थित द्वीपों पर हमला हुआ तो ईरान “संयम नहीं बरतेगा।” उन्होंने कहा कि ये द्वीप देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
शनिवार को ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने भी चेतावनी दी कि यदि देश के तेल ढांचे पर हमला किया गया तो वह क्षेत्र में अमेरिका से जुड़ी तेल और ऊर्जा अवसंरचनाओं को निशाना बनाएगा।
खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि ईरान उन सभी तेल, आर्थिक और ऊर्जा अवसंरचनाओं पर हमला करेगा जो अमेरिकी हिस्सेदारी वाली या अमेरिका के साथ सहयोग करने वाली कंपनियों से जुड़ी हैं।
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों से खार्ग द्वीप पर तेल अवसंरचना को कोई नुकसान नहीं हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार हमलों के बाद कम से कम 15 विस्फोट हुए, जिनमें एक वायु रक्षा केंद्र, नौसैनिक अड्डा, हवाई अड्डे का नियंत्रण टावर और एक अपतटीय तेल कंपनी का हेलीकॉप्टर हैंगर शामिल था।
इसी बीच इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर एक हेलीपैड पर मिसाइल हमला किया गया। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार दूतावास परिसर के ऊपर धुएं का गुबार उठता देखा गया।
यह दूतावास परिसर पहले भी कई बार ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों द्वारा दागे गए रॉकेट और ड्रोन हमलों का निशाना बन चुका है। दूतावास की ओर से इस हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को इराक के लिए स्तर-चार सुरक्षा चेतावनी दोहराते हुए कहा कि ईरान और उसके समर्थित समूह पहले भी अमेरिकी नागरिकों और हितों को निशाना बना चुके हैं और भविष्य में भी ऐसे हमले हो सकते हैं।
इससे पहले इजराइल ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर और हमले करने की घोषणा करते हुए कहा कि उसकी वायुसेना ने पिछले 24 घंटों में 200 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।
