पंजाब विधानसभा में बवाल: सीएम भगवंत मान पर नशे में सदन आने के आरोप, विपक्ष ने मांगी जांच

भगवंत मान को लेकर पंजाब विधानसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह नशे की हालत में सदन में पहुंचे और संबोधन दिया। इसको लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया गया है, जिसे आधार बनाकर विपक्ष ने जांच की मांग तेज कर दी है।

परताप सिंह बाजवा ने इस मामले को उठाते हुए विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखा और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि सदन में मौजूद सभी विधायकों का डोप टेस्ट कराया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

वहीं, सुखपाल सिंह खैरा ने भी मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उन्होंने सदन में पूछे गए सवालों का जवाब दिए बिना ही सदन छोड़ दिया। खैरा ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री नशे की हालत में नजर आ रहे हैं।

इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने एक सुर में सीएम मान के खिलाफ जांच की मांग की है। भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और अगर कोई नशे की हालत में वहां पहुंचता है, तो यह संविधान और संस्थाओं का अपमान है। उन्होंने सभी विधायकों के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की भी मांग की।

इसी बीच, हाल ही में अरविंद केजरीवाल की पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं स्वाति मालीवाल ने भी मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह लोकतंत्र के मंदिर का अपमान है और मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

विपक्ष ने सुझाव दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च की एक स्वतंत्र मेडिकल टीम गठित की जाए, जो पूरे मामले की जांच करे।

हालांकि, इन आरोपों पर अब तक मुख्यमंत्री या उनकी पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और सियासी घमासान तेज होने की संभावना है।

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