लखनऊ, 06 मई 2026। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शी कर व्यवस्था और निवेश अनुकूल माहौल के कारण राज्य के राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल माह में राज्य सरकार को प्रमुख कर एवं करेत्तर मदों से 20,621.24 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि अप्रैल 2025 में यह 18,204.82 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार एक वर्ष में 2,416.42 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि दर्ज की गई।
राज्य कर के अंतर्गत अप्रैल 2026 में 10,892.18 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 954.14 करोड़ रुपये अधिक हैं। जीएसटी संग्रह 9,783.34 करोड़ रुपये रहा, जबकि अप्रैल 2025 में यह 8,943.48 करोड़ रुपये था। वहीं, वैट से 1,108.84 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष 994.56 करोड़ रुपये थी।
आबकारी राजस्व में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल 2026 में आबकारी विभाग से 5,251.02 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष के 4,319.46 करोड़ रुपये की तुलना में 931.56 करोड़ रुपये अधिक है।
स्टाम्प एवं निबंधन से 2,870.75 करोड़ रुपये, परिवहन विभाग से 1,317.02 करोड़ रुपये और भू-तत्व एवं खनिकर्म से 290.27 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई, जो सभी मदों में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि को दर्शाता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए तकनीकी सुधार, डिजिटल ट्रैकिंग और ई-गवर्नेंस आधारित मॉनिटरिंग को मजबूत कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का कुल कर राजस्व लक्ष्य 3,34,491 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अप्रैल तक 21,377.75 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो चुकी है।
करेत्तर राजस्व के लिए 26,754.36 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले अप्रैल 2026 तक 680.61 करोड़ रुपये प्राप्त किए जा चुके हैं। सरकार को उम्मीद है कि इसी रफ्तार से आगे भी राजस्व संग्रह में वृद्धि जारी रहेगी।
