नई दिल्ली। राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के अपने फैसले पर सफाई देते हुए कहा है कि पार्टी का कार्य वातावरण “जहरीला” हो चुका था, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
समर्थकों को जारी एक वीडियो संदेश में राघव चड्ढा ने कहा, “अगर किसी संस्थान में आपको काम करने से रोका जाए और माहौल नकारात्मक हो जाए, तो वहां से अलग हो जाना ही बेहतर होता है। मैंने भी वही किया, क्योंकि मुझे लगातार काम करने से रोका जा रहा था।”
उन्होंने कहा कि वह राजनीति में करियर बनाने के लिए नहीं आए थे, बल्कि एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट का करियर छोड़कर उन्होंने आप जॉइन की थी और करीब 15 साल पार्टी को दिए। “लेकिन अब यह वह पार्टी नहीं रही, जिसके लिए मैंने अपना सब कुछ छोड़ा था। पार्टी पर कुछ भ्रष्ट लोगों का कब्जा हो गया है,” उन्होंने आरोप लगाया।
राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि उन्होंने अकेले पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि उनके साथ छह अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी इस्तीफा दिया। “अगर एक व्यक्ति फैसला लेता तो उसे गलत कहा जा सकता था, लेकिन सात लोग एक साथ छोड़ रहे हैं, तो यह सोचने वाली बात है,” उन्होंने कहा।
जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि वह आगे भी आम लोगों की समस्याओं को सदन में मजबूती से उठाते रहेंगे। “निश्चिंत रहिए, मैं हमेशा आम आदमी के मुद्दों पर पहले की तरह मुखर रहूंगा और अब उनके समाधान की दिशा में भी काम करूंगा,” उन्होंने कहा।
राघव चड्ढा के इस बयान से स्पष्ट है कि आप से उनका अलगाव केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि कार्यशैली और आंतरिक माहौल को लेकर भी गहरे मतभेदों का परिणाम है।
