“खेल युवाओं में अनुशासन और चरित्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम: डॉ. राजेश्वर सिंह”

लखनऊ, सरोजनीनगर: डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन और चरित्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि खेल का मैदान यह सिखाता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और नियमित अभ्यास, टीमवर्क तथा दृढ़ संकल्प से ही जीत हासिल होती है।

सरोजनीनगर में सैनिक वॉलीबॉल क्लब द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर खिलाड़ियों और युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। इस मौके पर उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी और आयोजन के लिए ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि खेल हमें टीम भावना, सहयोग और नेतृत्व की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अकेले नहीं जीतता, बल्कि पूरी टीम की मेहनत से सफलता मिलती है। खेल युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर उनमें सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास पैदा करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान सरोजनीनगर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी स्वर्गीय अर्पित त्रिवेदी को श्रद्धांजलि भी दी गई। डॉ. राजेश्वर सिंह ने उनकी स्मृति में उनके परिवार को ₹1 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर उनके पिता अवधेश त्रिवेदी की उपस्थिति ने सभी को भावुक कर दिया।

उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद, मिल्खा सिंह और नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखाया है कि मेहनत और अनुशासन से भारत का युवा विश्व में अपना परचम लहरा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल जीत के लिए नहीं बल्कि खेल भावना, अनुशासन और देश के गौरव के लिए खेलें।

कार्यक्रम में शिव शंकर सिंह “शंकरी”, गीता देवी, संजय गुप्ता, शिव कुमार सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह “मोनू”, अवधेश त्रिवेदी, शिव बक्श सिंह, अंकित त्रिवेदी, अमन शुक्ला, अतुल यादव, अनुराग सिंह और राहुल सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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