लखनऊ, 11 मार्च। सरदार बलदेव सिंह औलख के नेतृत्व में सिख समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की और उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा “आनंद विवाह रजिस्ट्रेशन नियमावली 2026 (आनंद कारज)” को मंजूरी दिए जाने पर आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। नियमावली लागू होने से सिख धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न होने वाले विवाहों के पंजीकरण में सुविधा होगी और समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह फैसला सिख परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस निर्णय के लिए धन्यवाद देते हुए समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर प्रदेश के समस्त सिख समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि गुरु साहिबान का बलिदान और सिख परंपराएं राष्ट्र की सुरक्षा और संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग की भावनाओं और परंपराओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से आह्वान किया कि वे संगठित रहकर समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाते रहें।
भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल में दिलप्रीत सिंह, लखविंदरपाल सिंह, रणवीर सिंह कलसी, सुरिंदरपाल सिंह बख्शी, गुरबाज सिंह, परविंदर सिंह, निर्मल सिंह, हरविंदर सिंह लार्ड, हरपाल सिंह तथा गुरविंदर सिंह छाबड़ा मौजूद रहे।
