वाराणसी, 26 फरवरी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उन्होंने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के विरुद्ध भी विशेष पॉक्सो अदालत में वाद दायर कराया है। शंकराचार्य ने बताया कि यह वाद पॉक्सो अधिनियम की धारा 22 के तहत प्रयागराज की विशेष अदालत में दाखिल किया गया है, जिसमें झूठे मुकदमे के आरोप का उल्लेख किया गया है।
संवाददाताओं से बातचीत में शंकराचार्य ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि हाल में आयोजित माघ मेला के दौरान वे लगातार सार्वजनिक स्थानों पर रहे और उनके संपर्क में बताए जा रहे नाबालिग कभी उनके गुरुकुल में दाखिल नहीं हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन दो नाबालिगों के साथ कथित दुष्कर्म की बात कही जा रही है, वे लंबे समय से आशुतोष ब्रह्मचारी के पास ही रह रहे थे।
अपने मठ में कथित विशेष संरचनाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां कोई गुप्त स्थान, शीश महल या स्विमिंग पूल नहीं है और पूर्व में स्वास्थ्य कारणों से बनाई गई व्यवस्था अब उपयोग में नहीं है। शंकराचार्य ने एक व्हाट्सएप समूह का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश के तहत जानकारी साझा की जा रही है।
गौरतलब है कि 21 फरवरी को झूंसी थाना में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी तथा अन्य के खिलाफ यौन शोषण से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धार्मिक आयोजनों और गुरुकुल से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान नाबालिग समेत दो लोगों का शोषण किया गया।
मामले में आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर जारी है और संबंधित जांच एजेंसियां प्रकरण की पड़ताल कर रही हैं।
