अयोध्या, 24 जून। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 26 जून को रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए अयोध्या पहुंचने वाले केजरीवाल के कार्यक्रम का संत समाज और पुरोहित समाज के कुछ संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। विरोध कर रहे संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उनके दौरे पर आपत्ति जताई है और इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है।
अयोध्या के पांडा पुरोहित समाज, सनातन रक्षा दल और अन्य संगठनों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं ने अतीत में भगवान राम तथा राम मंदिर को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं। ऐसे में उनका अयोध्या आगमन केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
पांडा पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजेश महाराज ने कहा कि यदि पहले भगवान राम के अस्तित्व और राम मंदिर को लेकर सवाल उठाए गए थे, तो अब अयोध्या आने का औचित्य क्या है। उन्होंने कहा कि रामलला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजेश महाराज ने यह भी कहा कि वर्तमान में राम मंदिर के चढ़ावे और दान से जुड़े मामलों की जांच चल रही है, ऐसे समय में किसी भी राजनीतिक गतिविधि से माहौल प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आस्था का केंद्र है। यहां धार्मिक वातावरण को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए और किसी भी नेता को इस संवेदनशील विषय पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
वहीं, सनातन रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने भी केजरीवाल के दौरे पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा समय-समय पर राम मंदिर को लेकर आरोप लगाए जाते रहे हैं, लेकिन उनके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का यह दौरा धार्मिक कम और राजनीतिक अधिक प्रतीत होता है।
मुकुंद माधव त्रिपाठी ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा कि इस दौरे से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केजरीवाल अयोध्या आते हैं तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही प्रशासन से मांग की गई है कि संभावित तनाव को देखते हुए उनके दौरे पर पुनर्विचार किया जाए।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन केजरीवाल के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच, केजरीवाल के दौरे को लेकर अयोध्या में राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
