काशी के आसमान में गरजे राफेल और सूर्य किरण, नमो घाट पर एयरफोर्स की रिहर्सल देखने उमड़ी भीड़

वायुसेना दिवस की तैयारी शुरू, गंगा घाट के ऊपर अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान; सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी

वाराणसी, 11 जुलाई। शनिवार सुबह काशी का आसमान भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंज उठा। सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुई रिहर्सल के दौरान राफेल लड़ाकू विमान और सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के विमान गंगा किनारे स्थित नमो घाट और शहर के ऊपर लगातार उड़ान भरते रहे। तेज रफ्तार से उड़ते विमानों की आवाज सुनकर लोग घरों, छतों, बालकनियों और सड़कों पर निकल आए, जबकि नमो घाट पर बड़ी संख्या में नागरिक इस रोमांचक दृश्य को देखने पहुंचे।

यह अभ्यास भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रस्तावित एयर शो की तैयारियों का हिस्सा है। इस वर्ष 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस समारोह का प्रमुख आयोजन वाराणसी में प्रस्तावित है, जिसके मद्देनज़र एयरफोर्स ने अभ्यास उड़ानें शुरू कर दी हैं।

आसमान में दिखे कई एयर फॉर्मेशन

रिहर्सल के दौरान लड़ाकू विमान अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए कई बार नमो घाट और गंगा के ऊपर चक्कर लगाते रहे। उनकी तेज गर्जना दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे शहर में उत्साह का माहौल बन गया।

सुबह शुरू हुई यह गतिविधि लगभग 12:30 बजे तक जारी रही। अभ्यास के दौरान विमानों ने कई समन्वित उड़ानें भरीं, जिन्हें देखने के लिए घाटों पर लोगों की भीड़ लगी रही।

मोबाइल कैमरों में कैद हुआ नजारा

रिहर्सल के दौरान नमो घाट, अस्सी घाट और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद लोगों ने विमानों की तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए। सोशल मीडिया पर भी इन उड़ानों के वीडियो तेजी से साझा किए जाने लगे।

घाट पर मौजूद एक दर्शक राहुल ने बताया कि एक साथ कई लड़ाकू विमानों की तेज रफ्तार उड़ान और उनका समन्वित प्रदर्शन बेहद रोमांचक अनुभव रहा। बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के साथ इस दृश्य का आनंद लेने घाटों पर पहुंचे।

वायुसेना दिवस की तैयारियां तेज

भारतीय वायुसेना का स्थापना दिवस हर वर्ष 8 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस बार वाराणसी में प्रस्तावित एयर शो को लेकर तैयारियां पहले ही शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी अभ्यास उड़ानों का सिलसिला जारी रह सकता है, ताकि कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन पूरी तरह समन्वित और सुरक्षित ढंग से किया जा सके।

नमो घाट पर रही कड़ी सुरक्षा

रिहर्सल के दौरान नमो घाट और उसके आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुबह से ही भारतीय वायुसेना के अधिकारी और सुरक्षा कर्मी तैनात रहे।

सुरक्षा कारणों से नमो घाट के फेस-2 के आगे आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई। विशेष रूप से हेलीपैड क्षेत्र की ओर किसी को जाने की अनुमति नहीं दी गई और सुरक्षा कर्मी लोगों को निर्धारित सीमा से आगे बढ़ने से रोकते रहे।

रोमांच और गौरव का संगम

गंगा तट पर आधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना ने धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी को कुछ समय के लिए सैन्य शौर्य के रंग में रंग दिया। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। अब सभी की निगाहें अक्टूबर में होने वाले भारतीय वायुसेना दिवस समारोह और प्रस्तावित एयर शो पर हैं, जहां राफेल सहित कई विमान अपनी हवाई क्षमता और करतबों का प्रदर्शन कर सकते हैं।

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