नासा फेलो से बना हमलावर? व्हाइट हाउस डिनर फायरिंग के आरोपी की पृष्ठभूमि पर उठे सवाल

वॉशिंगटन, 26 अप्रैल 2026। व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे अमेरिका को झकझोर दिया है। अब इस हाई-प्रोफाइल हमले के आरोपी की पहचान सामने आने के बाद जांच का फोकस उसके अतीत और मंशा पर केंद्रित हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध की पहचान कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया के टॉरेंस का रहने वाला बताया जा रहा है। 31 वर्षीय एलन का शैक्षणिक बैकग्राउंड काफी मजबूत रहा है, जिससे यह मामला और भी चौंकाने वाला बन गया है।

नासा फेलोशिप से जुड़ा रहा आरोपी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एलन ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई की थी। वर्ष 2014 में उसने नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में समर अंडरग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप प्रोग्राम में भाग लिया था। इसके अलावा, उसने कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की डिग्री और बाद में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया। कुछ समय तक वह पार्ट-टाइम शिक्षक के रूप में भी कार्यरत रहा।

घटना कैसे हुई
यह घटना वॉशिंगटन हिल्टन होटल के बाहर उस समय हुई, जब कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत करीब 2500 मेहमान मौजूद थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी सुरक्षा घेरे को पार कर बॉलरूम की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। उसके पास शॉटगन, हैंडगन और चाकू जैसे हथियार थे। जैसे ही वह सुरक्षा चेकपॉइंट पर पहुंचा, यूएस सीक्रेट सर्विस के जवानों ने उसे रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान गोलीबारी हुई।

इस घटना में एक अधिकारी को गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से वह सुरक्षित बच गया।

समय रहते टला बड़ा हादसा
सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का मानना है कि अगर थोड़ी भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

प्रारंभिक जांच में इसे “लोन एक्ट” यानी अकेले किए गए हमले के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ी साजिश या नेटवर्क तो नहीं है।

कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
अमेरिकी अटॉर्नी के मुताबिक, आरोपी पर संघीय अधिकारी पर हमला और हिंसक अपराध के दौरान हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए जाएंगे। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने इतने उच्च सुरक्षा वाले कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी सख्ती के बावजूद किसी व्यक्ति का हथियारों के साथ कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना चिंताजनक है।

घटना के बाद एफबीआई समेत कई एजेंसियां आरोपी के बैकग्राउंड, मानसिक स्थिति और संभावित संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की वजह से हजारों लोगों की जान सुरक्षित बच गई।

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