16 साल पुराने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को बड़ा झटका

नई दिल्ली, 10 जुलाई। बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को 16 वर्ष पुराने चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के सात मामलों में उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर कुल 7.35 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सातों मामलों में सुनाई गई तीन-तीन महीने की सजा एक साथ (कन्करेंट) चलेगी, इसलिए अभिनेता को कुल तीन महीने की ही जेल काटनी होगी।

शुक्रवार को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने राजपाल यादव द्वारा निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी को अपने अंडरटेकिंग (प्रतिबद्धता) और भुगतान संबंधी वादों को पूरा करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने बार-बार दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया। ऐसे में निचली अदालत के निर्णय में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 महीने की जेल और ₹7.35 करोड़ जुर्माना बरकरार रखा, सात मामलों में दोषसिद्धि कायम

हाईकोर्ट ने प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इस प्रकार सातों मामलों में कुल जुर्माना 7.35 करोड़ रुपये हो गया। अदालत के आदेश के अनुसार प्रत्येक मामले में लगभग 1 करोड़ 4 लाख 75 हजार रुपये शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे, जबकि 25 हजार रुपये राज्य को जमा किए जाएंगे।

यह मामला वर्ष 2010 में रिलीज हुई फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण से जुड़ा है। फिल्म के लिए राजपाल यादव ने करीब 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता ली थी। अभिनेता का दावा था कि यह राशि निवेश के रूप में ली गई थी, जबकि शिकायतकर्ता कंपनी ने इसे ऋण बताया। भुगतान न होने और जारी किए गए कई चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत पहुंचा। ब्याज और अन्य देनदारियों के साथ विवादित राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

इसी मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था। बाद में उन्हें कुछ शर्तों के साथ राहत मिली थी, लेकिन अंतिम सुनवाई में हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए सजा और जुर्माने का आदेश जारी कर दिया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना भी तलाशने का प्रयास किया था और भुगतान के लिए पर्याप्त समय दिया था। इसके बावजूद अदालत ने पाया कि आरोपी ने अपने दायित्वों का पालन नहीं किया। न्यायालय ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और न्यायिक आदेशों की अवहेलना को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कानूनी विवादों के बावजूद राजपाल यादव फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं। हाल ही में वह ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ जैसी फिल्मों में नजर आए थे। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनके पास सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प उपलब्ध है।

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