यूपी के किसानों को बड़ी राहत, बिना रजिस्ट्रेशन भी बेच सकेंगे गेहूं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए सरकारी खरीद प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। अब किसान बिना रजिस्ट्रेशन के भी सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार के इस निर्णय के तहत अब किसानों के लिए “फार्म रजिस्ट्रेशन” अनिवार्य नहीं रहेगा। अधिकारी बताते हैं कि किसान पहले की तरह सीधे खरीद केंद्रों पर जाकर अपनी उपज बेच सकेंगे। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।

दरअसल, हाल के दिनों में कई किसानों ने शिकायत की थी कि रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता के कारण उन्हें अपनी फसल बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से उन क्षेत्रों के किसान अधिक प्रभावित थे, जहां चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। इन इलाकों में कई किसान रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र नहीं बनवा पाए थे, जिससे उन्हें अपनी फसल बिचौलियों को कम कीमत पर बेचनी पड़ रही थी।

किसानों की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने नियमों में ढील देने का फैसला किया। नई व्यवस्था के तहत चकबंदी से प्रभावित किसानों को विशेष राहत दी गई है और उन्हें पुरानी खरीद प्रणाली के अनुसार अपनी उपज बेचने की अनुमति दी गई है।

सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ सुनिश्चित कराना और उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत देना है। अब किसान बिना किसी बाधा के अपनी उपज सरकारी केंद्रों तक पहुंचाकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

इस निर्णय से किसानों को जहां आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता भी बढ़ेगी।

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