आशियाना, लखनऊ। आशियाना स्थित विधायक आवास पर आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में क्षेत्रवासियों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आत्मीय एवं स्नेहपूर्ण आगमन हुआ। इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्वयं उपस्थित होकर सभी का स्वागत किया और सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि होली का यह पर्व समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करता है।
करीब तीन घंटे तक चले इस होली मिलन समारोह में हजारों की संख्या में लोगों ने सहभागिता की। इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी आगंतुकों का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का स्नेहपूर्ण सहभाग इस बात का प्रतीक है कि सरोजनीनगर परिवार आपसी प्रेम और विश्वास की मजबूत डोर से जुड़ा हुआ है।
होली के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारत की महान सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है, जिसमें विविधता में एकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति के रूप में दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार होली के विभिन्न रंग मिलकर उत्सव की सुंदरता बढ़ाते हैं, उसी प्रकार समाज की विविधता ही भारत की वास्तविक खूबसूरती है और यही विविधता भारत को विश्व में विशिष्ट बनाती है।

इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियों के नए रंग भर दे तथा हमारा देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे। उन्होंने यह भी कहा कि आज जब विश्व के कई हिस्सों में असुरक्षा और युद्ध का वातावरण दिखाई देता है, ऐसे समय में भारत में शांति, उत्सव और सामाजिक सौहार्द का वातावरण हमारे मजबूत सामाजिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
सरोजनीनगर क्षेत्र के लोगों के प्रति अपने स्नेह को व्यक्त करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर परिवार का आपसी अपनापन, सौहार्द और मुस्कुराहट ही इसकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि यही प्रेम और विश्वास वह शक्ति है समाज को जोड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर सरोजनीनगर क्षेत्र से आए सभी परिवारजनों का डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा हार्दिक स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया गया।
होली के इस अवसर को संकल्प के पर्व के रूप में बताते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि होली का यह पावन दिन केवल उत्सव का ही नहीं बल्कि संकल्प का भी दिन है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम सभी मिलकर अपने राष्ट्र को और अधिक मजबूत बनाएंगे तथा भारत को विश्व की अग्रणी महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में “भारत माता की जय” और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
