लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक रागिनी सोनकर ने निंदा प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा और इसे “राजनीतिक षड्यंत्र” करार दिया।
“आरक्षण पर राजनीति कर रही बीजेपी”
रागिनी सोनकर ने कहा कि अगर सरकार महिलाओं को वास्तविक रूप से आरक्षण देना चाहती, तो सितंबर 2023 में पारित बिल की अधिसूचना 2026 तक क्यों टाली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
कविता के जरिए उठाई आवाज
सदन में अपने संबोधन के दौरान सपा विधायक ने भावुक अंदाज में कविता की पंक्तियां पढ़ते हुए महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
“मैं यूपी की नारी हूं, बेखौफ सताई जाती हूं,
रामराज्य का नारा देकर बलि चढ़ाई जाती हूं।
सिंदूर, कोख और इज्जत नोच जिंदा लाश बनाई जाती हूं,
नकली आरक्षण का धोखा देकर शतरंज नचाई जाती हूं,
मैं यूपी की नारी हूं, हर रोज जलाई जाती हूं।”
उनकी इन पंक्तियों के दौरान सदन में कुछ समय के लिए माहौल गंभीर हो गया।
सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप
रागिनी सोनकर ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद की चर्चा में जहां जवाहरलाल नेहरू को निशाना बनाया जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश की राजनीति में “नेताजी” यानी मुलायम सिंह यादव को कोसा जाता है।
सपा के कार्यकाल का हवाला
उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने पंचायत स्तर पर महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें नेतृत्व में आगे बढ़ाया। ब्लॉक प्रमुख, प्रधान और बीडीसी जैसे पदों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का श्रेय सपा को जाता है।
“नारी वंदन सिर्फ नारा”
सपा विधायक ने भाजपा के “नारी वंदन” अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल एक नारा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के नाम का उपयोग कर सत्ता हासिल करना चाहती है, जबकि जमीनी स्तर पर महिलाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
