स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सभा में मधुमक्खियों का हमला, मची अफरा-तफरी

वाराणसी, 13 मई 2026। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सभा में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख कार्यक्रम को तय समय से पहले समाप्त करना पड़ा।

सभा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के हमले से श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि इस दौरान शंकराचार्य ने मंच से लोगों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को अच्छी चीज अच्छी नहीं लगती, इसलिए किसी ने छत्ते को कुरेद दिया होगा।” उन्होंने श्रद्धालुओं से पत्थर की मूर्ति की तरह शांत बैठने को कहा और भरोसा दिलाया कि ऐसा करने पर मधुमक्खियां नुकसान नहीं पहुंचाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपस्थित लोगों को गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान से जुड़ने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार से मांग है कि गौमाता को पशु सूची से हटाकर राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए तथा गोमांस की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाई जाए।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गौमाता को केवल पशु नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और सृष्टि की आधारशिला माना गया है। गौमाता भारतीय अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गौवंश संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।

यह सभा गविष्ठी गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में आयोजित की गई थी। इस यात्रा का उद्देश्य गौवंश संरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता तथा राज्यमाता घोषित कराने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना बताया गया है।

आयोजकों के अनुसार यह यात्रा गोरखपुर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से गुजर रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक शामिल हो रहे हैं।

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