लखनऊ में वकीलों को लाठियां बांटने पर हाईकोर्ट सख्त, आपराधिक अवमानना कार्रवाई के संकेत

लखनऊ, 25 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिविल कोर्ट परिसर के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए विवाद के मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने वकीलों को लाठियां बांटे जाने के मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे गंभीर मामला बताया और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आपराधिक अवमानना की कार्रवाई पर विचार करने की बात कही।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उसने ऐसे वीडियो देखे हैं, जिनमें वकीलों के बीच लाठियां बांटी जा रही हैं। अदालत ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन को वैधानिक कार्रवाई करने से रोकने के लिए इस तरह लाठियां बंटवाई जा सकती हैं। कोर्ट ने इसे न्याय व्यवस्था और कानून व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर स्थिति बताया।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर भारी बवाल हो गया था। प्रशासन के अनुसार यहां वकीलों द्वारा बनाए गए चेंबर अवैध कब्जे की श्रेणी में थे। जब पुलिस और प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची तो वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारी वकीलों को हटाया।

वकीलों पर लाठीचार्ज के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया। इसके विरोध में अधिवक्ता धरने पर बैठ गए। इसी दौरान कुछ वकीलों को लाठियां बांटे जाने के वीडियो सामने आए, जिन्हें प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देने के रूप में देखा गया।

सोमवार को हाईकोर्ट में इस मामले पर करीब डेढ़ घंटे तक सुनवाई चली। वकीलों के चेंबर हटाए जाने के मुद्दे पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री ने स्वयं अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वकीलों की एक सप्ताह से जारी हड़ताल का भी संज्ञान लिया और नाराजगी जाहिर की।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए कि यदि न्यायालय के निर्देशों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास पाया गया तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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