नकली संतों का अंत होगा : अखिलेश यादव

लखनऊ, 12 मार्च (RNN)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और कहा कि इस आशीर्वाद से “नकली संतों का अंत होने जा रहा है।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि वह शंकराचार्य से आशीर्वाद और ज्ञान लेने के लिए आए थे तथा उनसे कुछ सीखना चाहते थे।

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए किसी विशेष आशीर्वाद मिलने के सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि वह एक राजनीतिक व्यक्ति हैं और आज के समय में सोशल मीडिया के कारण लोग तरह-तरह की राजनीतिक अटकलें लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह केवल पूजनीय शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने आए थे।

यादव ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले यदि साधु-संतों का आशीर्वाद मिल जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। हालांकि उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि शंकराचार्य जी का आशीर्वाद मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है।”

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौ रक्षा अभियान के तहत बुधवार को लखनऊ पहुंचे थे।

इस दौरान अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के टिकट कटने की संभावना का दावा करते हुए कहा कि जिलों में इस संबंध में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चा है कि बैठकों में यह भी कहा जा रहा है कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारा जाए, हालांकि जनता के बीच जाने पर उनके जीतने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठकों में भाजपा के जिला अध्यक्षों की मौजूदगी के सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि यह लोकतंत्र को कमजोर करने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो जिलाधिकारी को अपनी निष्पक्षता पर विचार करना पड़ेगा।

अखिलेश यादव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में रसोई गैस सिलेंडर की कथित कमी के लिए केंद्र सरकार के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मस्थली गोरखपुर और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी लोगों को गैस सिलेंडर प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत के निमंत्रण पर संयुक्त अभ्यास में शामिल होने आए ईरान के युद्धपोत पर अमेरिका द्वारा हमला किए जाने की घटना चिंताजनक है। उनके अनुसार, वह जहाज भारत के बुलावे पर आया था, इसलिए उस पर सवार लोग भारत के मेहमान थे।

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