उत्तम प्रदेश के संकल्प के साथ लक्ष्य पथ पर अग्रसर उत्तर प्रदेश: नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’

विधान परिषद में औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’

लखनऊ, 10 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026–27 के दूसरे दिन विधान परिषद में औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने सदस्यों के तारांकित प्रश्नों का उत्तर देते हुए प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेशोन्मुख माहौल और बुनियादी ढांचे में हो रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति ने नई गति पकड़ी है और “उत्तम प्रदेश” के संकल्प के साथ राज्य अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है।

इलाहाबाद–झांसी खंड स्नातक विधान परिषद सदस्य डॉ. मान सिंह यादव द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मंत्री नन्दी ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इन्वेस्टर समिट्स के सकारात्मक और ऐतिहासिक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में आयोजित इन्वेस्टर समिट में 1,045 औद्योगिक इकाइयों ने 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए थे। इसके बाद 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 में 19,250 औद्योगिक इकाइयों ने 33.50 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

मंत्री ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह (GBC) के माध्यम से बड़े पैमाने पर परियोजनाओं की शुरुआत की गई। जीबीसी-1 में 61,792 करोड़ रुपये की 81 परियोजनाएं, जीबीसी-2 में 67,202 करोड़ रुपये की 290 परियोजनाएं, जीबीसी-3 में 80,224 करोड़ रुपये की 1,406 परियोजनाएं और जीबीसी-4 में 10,01,056 करोड़ रुपये की 14,701 परियोजनाओं की ग्राउंडिंग की गई। इस प्रकार अब तक कुल 16,478 परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं, जो प्रदेश में औद्योगिक विकास की मजबूत तस्वीर पेश करती हैं।

वहीं, वाराणसी खंड स्नातक विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा द्वारा जनपद कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र में आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर छूटी हुई सर्विस लेन के निर्माण को लेकर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री नन्दी ने कहा कि चैनेज 196.9 से 197.30 के बीच छूटी सर्विस लेन के निर्माण के लिए जिला प्रशासन कन्नौज द्वारा 3 अगस्त 2024 को चिन्हांकन के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई थी। हालांकि, कुछ हिस्सों में काश्तकारों द्वारा वाद उत्पन्न किए जाने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका।

उन्होंने सदन को बताया कि अब वर्तमान में सर्विस लेन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2024–25 में आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे के कार्यों के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया है। छूटी हुई सर्विस लेन का निर्माण इसी बजट प्रावधान के अंतर्गत, एक्सप्रेसवे निर्माण में हुई बचत मद से किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए अगस्त माह में निविदा आमंत्रित की जा चुकी है और अनुबंध गठन के बाद निर्माण कार्य को नौ माह की अवधि में पूरा किया जाएगा।

औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना का विकास सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती के नए मानक स्थापित करेगा।

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