“उत्तर प्रदेश बना विश्वास का प्रतीक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ”

आगरा, 7 मार्च (RNN): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब समाज, सरकार और संस्थाएं एक दिशा में सोचकर काम करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास के रूप में सामने आता है। उन्होंने कहा कि विश्वास ही किसी समाज और राज्य की सबसे बड़ी पूंजी होती है और इसी कारण आज उत्तर प्रदेश देश में विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को आगरा में एक निजी अस्पताल के लोकार्पण के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है और स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती, सुलभ तथा विश्वसनीय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलना उसका अधिकार है और प्रत्येक संप्रभु देश की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों को यह सुविधा उपलब्ध कराए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा है। राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, नई रेलवे लाइनों और आधुनिक तकनीक के साथ वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत ट्रेनों के माध्यम से लोगों को यात्रा का नया अनुभव मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं तो परिणाम कई गुना बढ़ जाते हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सरकार और निजी क्षेत्र दोनों को आगे आना होगा।

उन्होंने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए सरकार नई नीति ला रही है और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए निवेशकों को सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले देश में केवल एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) था, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में बढ़ाकर छह किया गया और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसकी संख्या 23 तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी के विकास के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और एसजीपीजीआई लखनऊ में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। दवाओं का उत्पादन प्रदेश में ही हो, इसके लिए ललितपुर में 1,500 एकड़ क्षेत्र में फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है, जबकि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित किया जा रहा है।

योगी ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर भी नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 40 वर्षों में इस बीमारी से 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी।

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