तेल अवीव, 4 अप्रैल (UNS)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने लापता पायलट की तलाश तेज कर दी है, जबकि ईरान ने लोगों से पायलट के बारे में जानकारी देने की अपील करते हुए इनाम का वादा किया है।
ईरान ने शुक्रवार को अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल सहित दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया था। इस घटना में एक अमेरिकी सैन्यकर्मी को बचा लिया गया, जबकि कम से कम एक पायलट अब भी लापता है।
क्षेत्र में पिछले छह सप्ताह से जारी युद्ध के दौरान यह पहली बार है जब अमेरिका ने ईरानी क्षेत्र में अपना लड़ाकू विमान खोया है, जिससे सैन्य अभियान में नया मोड़ आने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच, इजराइल और अमेरिका ने शनिवार को भी ईरान पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे। वहीं, ईरान द्वारा किए गए एक ड्रोन हमले में दुबई स्थित अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी ओरेकल के मुख्यालय को नुकसान पहुंचने की खबर है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा राष्ट्र को संबोधित किए जाने के दो दिन बाद यह घटना सामने आई है। ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है और अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने बताया कि ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुए हवाई हमले में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई और एक इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। युद्ध के दौरान यह चौथी बार है जब इस परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने कहा कि उनकी सरकार युद्ध रोकने के उद्देश्य से होने वाली वार्ता में शामिल होने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस्लामाबाद जाकर वार्ता में भाग लेने से कभी इनकार नहीं किया। इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि वह जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी कर सकता है।
हालांकि, ईरान के इन दावों पर व्हाइट हाउस और पेंटागन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पेंटागन ने केवल इतना कहा कि उसे पश्चिम एशिया में एक विमान के गिराए जाने की सूचना मिली है और खोज एवं बचाव अभियान जारी है।
इस बीच, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने क्षेत्र के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री व्यापार को बाधित करने की परोक्ष चेतावनी दी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से विश्व के तेल और मालवाहक जहाजों का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
