मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में तृणमूल कांग्रेस मतदाताओं के साथ खड़ी रहेगी: अभिषेक बनर्जी

कोलकाता, 3 अप्रैल (UNS)। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी उन लोगों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी, जिनके नाम पूरक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद हटा दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित करने के कथित प्रयास किए जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के हुगली जिला के खानाकुल में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी एक भी अधिकृत मतदाता का नाम हटाने की अनुमति नहीं देगी और इस मुद्दे पर चौबीसों घंटे सतर्क रहेगी।

निर्वाचन आयोग पर दबाव डालने का आरोप

बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी फॉर्म-6 के माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम हटाने और अन्य राज्यों के लोगों को शामिल करने के लिए निर्वाचन आयोग पर लगातार दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि इस कथित प्रयास को विफल करने के लिए सभी मतदाताओं को सतर्क रहना होगा।

उन्होंने बताया कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवाई छह अप्रैल को निर्धारित है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यदि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं और ऑनलाइन अपील भी करें।

महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना

इससे पहले पुरुलिया जिला के जॉयपुर में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर एलपीजी आपूर्ति, नोटबंदी और लॉकडाउन जैसे मुद्दों को सही ढंग से नहीं संभाल पाने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और आम जनता महंगाई से जूझ रही है। लॉकडाउन के दौरान हजारों प्रवासी श्रमिकों को अपने कार्यस्थलों से वापस लौटने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

भाजपा नेताओं को दी खुली बहस की चुनौती

डायमंड हार्बर के सांसद बनर्जी ने ज्योतिर्मय सिंह महतो और स्थानीय भाजपा विधायक नरहरि महतो पर क्षेत्र के विकास के लिए पर्याप्त काम न करने का आरोप लगाते हुए उन्हें खुली बहस की चुनौती दी।

उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र द्वारा धनराशि रोके जाने के बावजूद राज्य सरकार ने ‘बांग्लार बाड़ी’ परियोजना के तहत लाखों परिवारों को आवास उपलब्ध कराया है।

दो चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

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