लखनऊ, 11 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत इस बजट में बुनियादी ढांचे, जनकल्याण और विकासोन्मुखी क्षेत्रों पर विशेष बल दिया गया है, जिसमें पर्यटन और संस्कृति प्रमुख फोकस के रूप में उभरे हैं।
मंत्री ने कहा कि अयोध्या, नैमिषारण्य, वाराणसी, विंध्याचल, मथुरा और प्रयागराज जैसे प्रमुख आस्था स्थलों के विकास हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। इससे पर्यटक सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा और औसत प्रवास अवधि दो-तीन दिन से बढ़कर लगभग एक सप्ताह तक होने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बड़ा लाभ मिलेगा।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का उल्लेख करते हुए श्री सिंह ने बताया कि वाराणसी में वर्ष 2024 में लगभग 11.01 करोड़ पर्यटक आए थे, जो 2025 में बढ़कर 17.30 करोड़ से अधिक हो गए। अयोध्या में यह संख्या 16.44 करोड़ से बढ़कर 29.95 करोड़ से अधिक पहुंच गई। मथुरा में 9.01 करोड़ से बढ़कर 10.24 करोड़, मिर्जापुर में 1.41 करोड़ से बढ़कर 2.10 करोड़ और चित्रकूट में 1.18 करोड़ से बढ़कर 3.65 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2026 के माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी से जून 2025 के बीच प्रदेश में लगभग 122 करोड़ पर्यटक आए, जिनमें 121 करोड़ से अधिक घरेलू और 33 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल हैं। यह वृद्धि आस्था, पारिवारिक पर्यटन और विरासत स्थलों के प्रति बढ़ती रुचि का प्रमाण है।
बजट में ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना’ के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए 150 करोड़ रुपये, नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के लिए 100 करोड़ रुपये तथा विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार हेतु 100-100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। ब्रज क्षेत्र में तीर्थ एवं पारिवारिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के लिए भी विकास कार्यों का प्रस्ताव है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए महिला गाइड प्रशिक्षण के लिए लाइसेंस शुल्क माफ करने की घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में 5000 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन को मजबूत आर्थिक स्तंभ के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के क्षेत्र में भी सरकार सक्रिय है। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय, रामनगर (वाराणसी) में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास पर संग्रहालय तथा बटेश्वर में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव में सांस्कृतिक संकुल का निर्माण पूरा कर लोकार्पित किया जा चुका है। लखनऊ के ऐशबाग में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना की गई है।
श्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
