दक्षिण भारत में लोकसभा सीट की संख्या में कटौती नहीं की जाएगी : प्रधानमंत्री मोदी

तिरुवल्ला (केरल), चार अप्रैल (UNS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जनसंख्या को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने वाले दक्षिण भारतीय राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में कोई कटौती नहीं की जाएगी और देशभर के राज्यों को लाभ पहुंचाने के लिए सीटों की कुल संख्या बढ़ाई जाएगी।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि संसद का बजट सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है, ताकि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाले कानून में आवश्यक संशोधन पारित किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संसद का वर्तमान सत्र बृहस्पतिवार को समाप्त होना था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर तीन दिन की अतिरिक्त बैठक बुलाई गई है। इस दौरान महिला आरक्षण को लागू करने के लिए लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने सहित कई विधेयकों पर विचार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसंख्या नियंत्रण में सफलता के बावजूद दक्षिण भारतीय राज्यों की सीट संख्या में कोई कमी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “ये झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि जनसंख्या नियंत्रण के कारण दक्षिण भारतीय राज्यों में सीटों की संख्या कम कर दी जाएगी, लेकिन यह पूरी तरह असत्य है। संसद यह सुनिश्चित करेगी कि उनकी सीटें पूरी तरह सुरक्षित रहें।”

मोदी ने कहा कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा और तेलंगाना जैसे राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में अच्छा कार्य किया है और उनकी जनसंख्या वृद्धि कम रहने के बावजूद उनकी संसदीय सीटों में कमी नहीं की जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने परिसीमन के मुद्दे को उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने हाल ही में कहा था कि यह एक बड़ा मुद्दा है और मौजूदा स्थिति के अनुसार दक्षिण भारत के कुछ राज्यों की संसदीय सीटों की संख्या में कमी हो सकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 से संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करने का आग्रह किया।

उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नीतियों की सबसे बड़ी लाभार्थी महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शौचालय निर्माण, जन धन खाते खोलने और महिलाओं के नाम पर मकान उपलब्ध कराने जैसी कई योजनाएं लागू की हैं।

उद्यमिता के क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुद्रा ऋण के जरिए अपना कारोबार शुरू करने वालों में बड़ी संख्या महिलाओं की है और ‘लखपति दीदी’ अभियान भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।

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