परिवर्तन का ‘शॉर्टकट’ भवानीपुर से होकर गुजरता है: ममता के गढ़ में शाह की चुनौती

कोलकाता, 2 अप्रैल (UNS)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के भवानीपुर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया को बृहस्पतिवार को एक ‘हाई-वोल्टेज’ राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया और दावा किया कि पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का “शॉर्टकट” मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनकी अपनी सीट पर हराना है।

शाह ने कहा कि भाजपा को बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए 170 सीट जीतनी होंगी, लेकिन केवल भवानीपुर में अधिकारी की जीत से ही राज्य की राजनीति में अपने आप परिवर्तन आ जाएगा। विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

दक्षिण कोलकाता में हाजरा क्रॉसिंग से रोड शो शुरू करने से पहले एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने भवानीपुर के मुकाबले को केवल एक और विधानसभा सीट की लड़ाई के रूप में नहीं, बल्कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने के लिए भाजपा के अभियान के प्रतीकात्मक केंद्रबिंदु के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से कहा, “पश्चिम बंगाल में परिवर्तन होगा, लेकिन भवानीपुर को भी परिवर्तन लाना चाहिए या नहीं?” शाह ने भवानीपुर के लोगों से हाथ जोड़कर अपील की कि पूरे राज्य की मुक्ति के लिए भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी को भारी अंतर से जीत दिलाएं।

शाह ने बताया कि उन्होंने अधिकारी को नंदीग्राम के अपने पारंपरिक गढ़ तक सीमित रहने के बजाय मुख्यमंत्री के गढ़ भवानीपुर से चुनाव लड़ने के लिए खुद राजी किया। उन्होंने कहा, “शुभेंदु दा नंदीग्राम से चुनाव लड़ना चाहते थे। मैंने उनसे कहा कि सिर्फ नंदीग्राम नहीं, आपको ममता बनर्जी के घर में घुसकर उन्हें वहीं हराना है।”

उन्होंने 2021 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता में लौटने के बावजूद ममता बनर्जी नंदीग्राम में अधिकारी से हार गई थीं। दिसंबर 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अधिकारी अब मुख्यमंत्री के गढ़ में उन्हें चुनौती दे रहे हैं।

भवानीपुर एक दशक से अधिक समय से ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ रहा है। उन्होंने पहली बार 2011 में इस सीट से चुनाव लड़कर वाम मोर्चे को हराया था और मुख्यमंत्री बनी थीं। 2021 में नंदीग्राम में हार के बाद उन्होंने भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की थी।

भाजपा भवानीपुर में बनर्जी के खिलाफ अधिकारी को मैदान में उतारकर कोलकाता के केंद्र में नंदीग्राम के नाटकीय घटनाक्रम को दोहराने और इस मुकाबले को राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक चेहरों के बीच प्रतिष्ठा की सीधी लड़ाई में बदलने की कोशिश कर रही है।

हाजरा क्रॉसिंग से शुरू हुए रोड शो के दौरान शाह और अधिकारी प्रचार वाहन के ऊपर एक साथ खड़े दिखाई दिए। इस दौरान भाजपा समर्थकों ने बंगाल में “परिवर्तन” के नारे लगाए। शाह ने भवानीपुर को राज्य में सत्ता परिवर्तन के प्रवेशद्वार के रूप में बार-बार पेश किया।

उन्होंने कहा, “हम एक के बाद एक सीट जीतेंगे और 170 तक पहुंचेंगे, तभी परिवर्तन होगा। लेकिन मेरे पास एक ‘शॉर्टकट’ है। अगर भवानीपुर के लोग हमें यह एक सीट जिता दें तो परिवर्तन अपने आप हो जाएगा।”

शाह ने अपने संबोधन में “अवैध आव्रजन” और सीमा सुरक्षा के मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को परिवर्तन की जरूरत है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यहां भाजपा की सरकार बननी चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह चुनाव प्रचार के दौरान 15 दिन पश्चिम बंगाल में रहेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राज्य को कितना महत्व दे रहा है।

शाह से पहले शुभेंदु अधिकारी ने भी हाजरा क्रॉसिंग पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कथित भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर तृणमूल सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि “बंगाल को मुक्त कराने” का चुनाव है।

अधिकारी ने लोगों से निडर होकर मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि इस बार किसी को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि किसी भी गुंडे में बंगाल के मतदाताओं को रोकने की शक्ति नहीं है।

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