मुंबई का अगला महापौर हिंदू और मराठी होगा: मुख्यमंत्री फडणवीस

मुंबई का अगला महापौर हिंदू और मराठी होगा: मुख्यमंत्री फडणवीस

मुंबई, 2 जनवरी । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि मुंबई का अगला महापौर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन से होगा और वह “हिंदू तथा मराठी” होगा। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले चल रही राजनीतिक बयानबाजी और दावों के बीच मुख्यमंत्री के इस बयान से राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

‘मुंबई तक’ समाचार चैनल के साथ ‘महाचावड़ी’ नामक संवाद कार्यक्रम के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में फडणवीस ने कहा, “मुंबई का महापौर महायुति गठबंधन से होगा। मुंबई का महापौर हिंदू और मराठी होगा।” उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय की है, जब शहर के सर्वोच्च नागरिक पद को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।

मुख्यमंत्री का यह बयान भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित साटम के हालिया बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी किसी भी ‘खान’ को मुंबई का महापौर नहीं बनने देगी। इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया था।

इस मुद्दे पर शिवसेना–उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में शिवसेना (उबाठा) के साथ गठबंधन की घोषणा करने वाले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी कहा था कि “मुंबई का महापौर मराठी होगा और हमारा होगा।” ऐसे में फडणवीस के बयान ने महापौर पद को लेकर चल रही सियासी खींचतान को और तेज कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह की कथित टिप्पणी से जुड़े एक सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, “कृपाशंकर सिंह ने यह टिप्पणी मुंबई के संदर्भ में नहीं की थी। वह पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता भी नहीं हैं।” उल्लेखनीय है कि सिंह ने हाल ही में कहा था कि मुंबई महानगर क्षेत्र की मीरा-भायंदर महानगर पालिका में ‘उत्तर भारतीय और हिंदी भाषी’ महापौर के चुनाव के प्रयास किए जाएंगे।

फडणवीस ने यह टिप्पणियां उस समय कीं, जब वह मुंबई की भूमिगत मेट्रो लाइन में यात्रा कर रहे थे और विभिन्न राजनीतिक एवं विकास से जुड़े मुद्दों पर सवालों के जवाब दे रहे थे।

गौरतलब है कि राज्य में बीएमसी सहित कुल 29 महानगर पालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है, जबकि मतगणना अगले दिन की जाएगी। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, मुंबई के महापौर पद को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और रणनीतिक संघर्ष और अधिक तीखा होता जा रहा है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *