अदालत अल फलाह समूह के अध्यक्ष के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र पर 27 मार्च को करेगी विचार

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (Agency)। दिल्ली की एक अदालत ने अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र पर सुनवाई के लिए 27 मार्च की तारीख तय की है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने बचाव पक्ष के वकील द्वारा सुनवाई स्थगित करने के अनुरोध तथा आरोपपत्र में उल्लिखित मूल दस्तावेजों की सूची उपलब्ध कराने की अर्जी पर विचार करते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत ने बचाव पक्ष की अर्जी को रिकॉर्ड पर लेते हुए ईडी को नोटिस जारी किया और सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी।

ईडी ने 16 जनवरी को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की लगभग 140 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और इमारतों को जब्त किया था। एजेंसी ने सिद्दीकी और उनके धर्मार्थ न्यास के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

एजेंसी ने पांच फरवरी को निजी विश्वविद्यालय के कामकाज में कथित अनियमितताओं के मामले में सिद्दीकी को जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इससे पहले नवंबर 2025 में भी ईडी ने उन्हें अल फलाह धर्मार्थ न्यास द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में नामांकित छात्रों के साथ कथित धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोप में गिरफ्तार किया था।

ईडी की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय ने गैरकानूनी लाभ के लिए छात्रों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों को गुमराह करने हेतु राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता होने के संबंध में झूठे एवं भ्रामक दावे किए।

ईडी के अनुसार, विश्वविद्यालय ने वर्ष 2018 से 2025 के बीच 415.10 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जिसमें आय में ‘तेजी से वृद्धि’ देखी गई जो घोषित वित्तीय विवरणों या संपत्ति विस्तार से मेल नहीं खाती। एजेंसी का आरोप है कि छात्रों से प्राप्त शुल्क और जनता से एकत्र धनराशि का उपयोग व्यक्तिगत और निजी जरूरतों के लिए किया गया तथा सिद्दीकी ने न्यास और संबद्ध संस्थाओं पर वास्तविक नियंत्रण बनाए रखा।

एक कथित ‘सफेदपोश आतंकी’ मॉड्यूल की जांच के दौरान विश्वविद्यालय की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई। इस मामले में विश्वविद्यालय से जुड़े दो चिकित्सकों को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के नजदीक हुए बम विस्फोट के बाद अल फलाह समूह एजेंसियों की जांच के दायरे में आया था। मामले में आगे की सुनवाई 27 मार्च को होगी।

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