गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या से इलाके में शोक, कई सवाल अब भी अनुत्तरित

गाजियाबाद, 5 फरवरी। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों द्वारा कथित रूप से एक साथ आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद पूरा इलाका सदमे में है। घटना के दो दिन बाद भी स्थानीय निवासी इस दर्दनाक हादसे को समझ नहीं पा रहे हैं और उनके मन में कई सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने सोसाइटी के टावर बी-1 की नौवीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। तीनों बहनें अपने माता-पिता के साथ इसी सोसाइटी में रहती थीं।

घटना के बाद सोसाइटी के लोग टावर के पीछे स्थित पार्क में एकत्र हो गए। हर किसी के चेहरे पर शोक और हैरानी साफ नजर आ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समझ पाना बेहद मुश्किल है कि तीनों बहनें एक साथ इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकती हैं।

स्थानीय निवासी इशा त्यागी ने कहा, “यह घटना बेहद चौंकाने वाली और अविश्वसनीय है। अवसाद में कोई एक व्यक्ति ऐसा कदम उठा सकता है, यह समझ में आता है, लेकिन तीन बहनों का एक साथ आत्महत्या करना कई सवाल खड़े करता है।”
उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी लड़कियों को स्कूल जाते या सोसाइटी पार्क में अन्य बच्चों के साथ खेलते नहीं देखा।

सोसाइटी समिति के संयुक्त सचिव राहुल कुमार झा ने बताया कि उन्होंने कभी-कभार लड़कियों को ट्यूशन जाते देखा था, लेकिन वे किस स्कूल में पढ़ती थीं, इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्डों द्वारा घटना की सूचना मिलने के बाद तत्काल पुलिस को सूचित किया गया।

झा के अनुसार, यह परिवार करीब तीन वर्षों से सोसाइटी में रह रहा था, लेकिन सामाजिक रूप से काफी अलग-थलग रहता था। “परिवार के सदस्य अधिकतर समय एक ही कमरे में रहते थे। बच्चों को बाहर खेलते या किसी से बातचीत करते नहीं देखा गया,” उन्होंने कहा।

एक अन्य निवासी ज्योति कसाना ने बताया कि बाद में जानकारी मिली कि लड़कियों ने अपने कमरे की दीवारों पर कई कटआउट लगा रखे थे और वे अधिकांश समय घर के अंदर ही बिताती थीं। उन्होंने कहा, “इस उम्र के बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं। छोटी-सी बात, जैसे मोबाइल या टैबलेट छीन लिया जाना भी उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल सकता है।”

सोसाइटी के उपाध्यक्ष अजय कसाना ने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद से बच्चियां नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रही थीं। हालांकि, यह जानकारी थी कि वे पास के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ती थीं, लेकिन इसकी पुष्टि किसी के पास नहीं थी।

पुलिस उपायुक्त (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों ने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और खिड़की के रास्ते नौवीं मंजिल से छलांग लगाई।
उन्होंने बताया कि फोरेंसिक टीम को कमरे की दीवारों पर कई वाक्य लिखे मिले हैं, जिनमें “मैं बहुत बहुत अकेली हूं” और “मेरी जिंदगी बहुत बहुत अकेली है” जैसे शब्द शामिल हैं।

पुलिस ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और स्थानीय निवासियों व परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

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