नए यूजीसी नियमों के खिलाफ छात्रों का विरोध, दिल्ली में यूजीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का आह्वान

नयी दिल्ली, 27 जनवरी । सामान्य वर्ग के छात्रों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल में अधिसूचित नए विनियमों के विरोध में मंगलवार को दिल्ली स्थित यूजीसी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया है। छात्रों का आरोप है कि ये नियम विश्वविद्यालय परिसरों में अराजकता को बढ़ावा दे सकते हैं और उनके खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं।

प्रदर्शन का आह्वान करने वाले छात्रों ने देशभर के छात्र समुदाय से एकजुट होने की अपील करते हुए “यूजीसी के भेदभाव को ना” कहने का आग्रह किया है। उन्होंने बड़ी संख्या में एकत्र होकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की बात कही है।

गौरतलब है कि यूजीसी ने 13 जनवरी को ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026’ अधिसूचित किए थे। इन नियमों के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव की शिकायतों के समाधान के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और निगरानी दल गठित करने का प्रावधान किया गया है, खासतौर पर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के लिए।

दिल्ली विश्वविद्यालय में पीएचडी के छात्र आलोकित त्रिपाठी ने कहा कि नए नियमों से परिसरों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विनियमों में प्रमाण का पूरा बोझ आरोपी पर डाल दिया गया है, जबकि झूठे आरोपों से बचाव के लिए कोई स्पष्ट सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।

त्रिपाठी ने कहा,
“नए विनियम दमनकारी प्रकृति के हैं। पीड़ित की परिभाषा पहले से तय कर दी गई है, जबकि परिसर में पीड़ित कोई भी हो सकता है। प्रस्तावित ‘इक्विटी दस्ते’ लगातार निगरानी जैसी स्थिति पैदा करेंगे।”

उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।

यूजीसी के नए विनियमों को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। कई राज्यों में छात्रों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दर्ज कराई हैं। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही को बढ़ाना है, जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे सामाजिक विभाजन गहरा हो सकता है।

प्रदर्शन के आह्वान से जुड़े पोस्टरों और सोशल मीडिया संदेशों में इसे यूजीसी कार्यालय के शांतिपूर्ण घेराव के रूप में बताया गया है। पोस्टर में लिखा गया है—
“अभी नहीं तो कभी नहीं, एकता में शक्ति है।”

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