पश्चिम एशिया तनाव से शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1,048 अंक लुढ़का

मुंबई, 2 मार्च (Agency)। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,048.34 अंक यानी 1.29 प्रतिशत गिरकर 80,238.85 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 312.95 अंक यानी 1.24 प्रतिशत टूटकर 24,865.70 अंक पर आ गया।

कारोबार की शुरुआत में ही बाजार में भारी दबाव दिखा और सेंसेक्स एक समय 2,743 अंक से अधिक टूट गया था। विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ने से वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कमजोर पड़ी, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी गिरावट को तेज किया।

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो, अदाणी पोर्ट्स, मारुति, एशियन पेंट्स और बजाज फिनसर्व के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सन फार्मा और आईटीसी के शेयर सीमित बढ़त में रहे, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत में 8 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई और यह लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं और इससे ऊर्जा तथा रसायन क्षेत्र की कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

व्यापक बाजार भी दबाव में रहे। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 1.81 प्रतिशत और मिडकैप सूचकांक में 1.67 प्रतिशत की गिरावट आई। कुल मिलाकर बाजार में गिरावट का दायरा व्यापक रहा और अधिकांश शेयर लाल निशान में बंद हुए।

एशियाई बाजारों में जापान और हांगकांग के सूचकांक नुकसान में रहे, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में कमजोरी देखी गई, जिससे वैश्विक निवेश धारणा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने हालिया सत्र में हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी कर बाजार को आंशिक सहारा देने की कोशिश की। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *