लखनऊ, 12 मार्च। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि अगर अखिलेश यादव की पार्टी वास्तव में गायों के संरक्षण को लेकर गंभीर है तो उसे इस विषय पर स्पष्ट प्रस्ताव लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव आने के बाद ही पार्टी की नीयत को लेकर कोई राय बनाई जा सकती है।
लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने बताया कि उनकी यादव से अकेले में कोई विशेष चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में गायों के पूर्ण संरक्षण के दावे पर उन्होंने अखिलेश यादव से स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी पार्टी की ओर से गायों के संरक्षण को लेकर कोई ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आता, तब तक उस दावे को कैसे माना जाए।
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के संदर्भ में कहा कि संभव है उन्होंने अपने घर पर प्रतीकात्मक रूप से बटुकों का स्वागत किया हो, लेकिन उनके पास मिलने के लिए कोई नहीं आया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वर्ष जनवरी में माघ मेले के दौरान पुलिस द्वारा उनके समर्थकों और बटुकों के साथ की गई कथित मारपीट की अब तक कोई जांच नहीं की जा रही है। शंकराचार्य ने कहा कि जिन बटुकों को पुलिस ने लाठी मारी थी, उनसे अब तक संवाद स्थापित नहीं किया गया है।
इस बीच शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने शंखनाद कर ‘गौ संरक्षण युद्ध’ की शुरुआत की है और जो लोग गायों को पीड़ा पहुंचा रहे हैं, उनके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
गौ रक्षा के लिए पहले से बने कानूनों पर उन्होंने कहा कि केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करना भी जरूरी है।
