कानपुर/उन्नाव, 25 फरवरी (RNN)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को उन्नाव और कानपुर दौरे के दौरान राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के साथ कथित दुर्व्यवहार न केवल धार्मिक परंपराओं का अपमान है, बल्कि यह प्रशासनिक संवेदनहीनता को भी दर्शाता है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को संतों के सम्मान की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
मीडिया से बातचीत में यादव ने आरोप लगाया कि अध्यात्म से जुड़े पूजनीय व्यक्तित्वों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनके अनुयायियों के साथ भी अनुचित आचरण हुआ। उन्होंने कहा कि यह घटना सामाजिक समरसता और धार्मिक आस्था दोनों के लिए चिंताजनक है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध की आवाज उठाने वालों को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है और राजनीतिक विरोधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं।
गठबंधन के सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन जारी रहेगा और पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों) के सहयोग से सामाजिक न्याय की स्थापना की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की नीति पर विश्वास करती है और समान अवसर तथा सम्मान सुनिश्चित करना ही उनकी प्राथमिकता है।
यादव ने मतदाता सूची और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों में असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है। उनके अनुसार, पहले से उपलब्ध दस्तावेजों के बावजूद लोगों को बार-बार सत्यापन के लिए कहा जाना प्रशासनिक व्यवस्था की कमियों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पारदर्शी और जनसुविधा आधारित होनी चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
प्रदेश की आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों की आलोचना करते हुए यादव ने उद्योग, रोजगार और कृषि से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से उद्योगों को अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिल पा रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो कानपुर के औद्योगिक विकास को नई गति दी जाएगी, गंगा नदी की सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी और बिजली दरों को किफायती बनाया जाएगा।
यादव ने यह भी कहा कि प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय और आर्थिक संतुलन को सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उद्योगों को प्रोत्साहन, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा और युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दौरे के दौरान सपा प्रमुख ने स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लिया, पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और क्षेत्रीय नेताओं के साथ संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर उनकी पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी और प्रदेश में विकास तथा सामाजिक न्याय के एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी।
यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश की प्रगति के लिए सामाजिक सद्भाव, आर्थिक सशक्तिकरण और पारदर्शी प्रशासन आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी इन मूल्यों के साथ जनता के बीच जाएगी और प्रदेश को विकास की नई दिशा देने का काम करेगी।
