संत कबीर अकादमी सभागार बना रंगमंच का केंद्र, 4 दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ

संत कबीर नगर/लखनऊ, 9 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश में रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का शुभारंभ सोमवार को संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में हुआ। यह चार दिवसीय नाट्य समारोह 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।

नाट्य समारोह के पहले दिन प्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित चर्चित कथा “निमंत्रण” पर आधारित नाटक “मोटे राम का निमंत्रण” का मंचन किया गया। इस नाटक का नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस प्रस्तुति ने दर्शकों को ठहाकों और सामाजिक संदेश से भर दिया।

नाटक की कथा मोटे राम शास्त्री के इर्द-गिर्द घूमती है, जो रानी साहिबा के यहां दिए जाने वाले भोज के लालच में सात ब्राह्मणों की जगह अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर दरबार पहुंच जाते हैं। झूठ और दिखावे पर आधारित उनकी यह चाल उस समय उजागर हो जाती है, जब उनके मित्र चिंतामणि सच्चाई सामने ला देते हैं। नाटक झूठ और लालच पर करारा प्रहार करते हुए एक सशक्त सामाजिक संदेश के साथ समाप्त होता है।
मुख्य भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ (मोटे राम शास्त्री) और सोना देवी ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। कलाकारों के सधे हुए अभिनय और निर्देशक की कसावट भरी प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और सशक्त करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती देते हैं। ऐसे आयोजन उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से और अधिक समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

चार दिवसीय इस नाट्य समारोह के तहत-
10 फरवरी 2026 को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक “बाप रे बाप” का मंचन होगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।

11 फरवरी 2026 को जे.पी. सिंह जयवर्धन के नाटक “दरोगाजी चोरी हो गई” का मंचन किया जाएगा। इसका निर्देशन अशोक लाल कर रहे हैं और प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।

नाट्य समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी 2026 को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक “कर्मयोगिनी अहिल्याबाई” का मंचन किया जाएगा। इस नाटक के लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं तथा प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।

यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्ता-पूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े लोगों एवं आम नागरिकों से इस नाट्य समारोह में उपस्थित होकर कार्यक्रम का आनंद लेने की अपील की है।

इस अवसर पर अमृत अभिजात (अपर मुख्य सचिव, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश) तथा प्रो. जयत खोत (उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी) सहित कला और संस्कृति जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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