लखनऊ, 24 फरवरी 2026। ए.के. शर्मा ने संगम सभागार, लखनऊ में नगर विकास विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता, पारदर्शिता और तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिन परियोजनाओं में निर्माण कार्य लंबित हैं, उन्हें तेजी से पूर्ण कराया जाए तथा जिन लाभार्थियों की किस्तें लंबित हैं, उनका भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को शामिल करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमित भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि यह योजना गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
समीक्षा बैठक में आकांक्षी नगर योजना, सीएम ग्रिड योजना, कान्हा गौशाला योजना तथा सीएम वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि चयनित नगरों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाए, सीएम ग्रिड योजना के तहत शहरी अधोसंरचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए और कान्हा गौशाला योजना के माध्यम से गौवंश संरक्षण व सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत शहरों को आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कार्यों को गति दी जाए।
मंत्री शर्मा ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने, जिला एवं नगर स्तर पर जवाबदेही तय करने तथा प्रगति रिपोर्ट समय से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति—इन तीनों का समन्वय ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज झा, रविंद्र कुमार प्रथम, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार, सत्य प्रकाश पटेल, महेंद्र कुमार सिंह तथा निदेशक सूडा अपूर्वा दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
