लखनऊ, 13 फरवरी – हर जिले में सुव्यवस्थित भर्ती एवं रोजगार केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव अब राज्य की नीति और बजटीय प्रावधान का हिस्सा बन गया है। इस पहल को विधायक राजेश्वर सिंह ने एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर विस्तृत सुझाव दिया था, जिसे सरकार ने अमल में लाया है।
बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने “सार्वजनिक अवसरों के विस्तार” पर बल देते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक ज़ोन की स्थापना की घोषणा की। इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में कौशल विकास, रोजगार सेवाएं और औद्योगिक सुविधाएं एकीकृत रूप में उपलब्ध कराई जाएंगी।
राज्य सरकार ने बजट 2026–27 में रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगभग 10 लाख रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही 1.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया संचालित की जाएगी। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना है। MSME, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी मिशन में निवेश बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है।
सरकार ने सरदार पटेल रोजगार एवं औद्योगिक ज़ोन की स्थापना के लिए ₹575 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। इस पहल का उद्देश्य कौशल विकास को सीधे रोजगार से जोड़ना, उद्योग एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना और युवाओं को अपने ही जिले में अवसर उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति मिलने और पलायन में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार-योग्य बनाने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है।
