वायनाड (केरल), 26 फरवरी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल के वायनाड में 2024 के भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 100 मकानों की आधारशिला रखी। कांग्रेस की इस आवासीय परियोजना के तहत प्रत्येक घर लगभग 1,100 वर्ग फुट क्षेत्र में बनाया जाएगा और उसके साथ 8 सेंट भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सेंट भूमि मापन की एक पारंपरिक इकाई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों के साहस और धैर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि भूस्खलन की त्रासदी में लोगों ने अपने घर, आजीविका और परिजन तक खो दिए, लेकिन उन्होंने अपना मनोबल और करुणा नहीं खोई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि पुनर्वास और पुनर्निर्माण की पूरी प्रक्रिया में वह और उनका परिवार उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने इस पहल को केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आशा और भरोसे का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि त्रासदी ने अनेक परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया, लेकिन समुदाय ने एकजुटता और साहस का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि भूस्खलन के मुद्दे को संसद में बार-बार उठाया गया और प्रभावितों के लिए त्वरित सहायता तथा इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी की गई।
कार्यक्रम के दौरान भूस्खलन में अपनी दुकानें खोने वाले 40 लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के कई वरिष्ठ नेता तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
नेताओं ने कहा कि पुनर्वास केवल घर निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रभावित समुदायों को स्थायी आजीविका, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए घरों के निर्माण से प्रभावित परिवारों के जीवन में स्थिरता आएगी और वे धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगे।
यह परियोजना भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के पुनर्निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे अनेक परिवारों को सुरक्षित आवास और नई शुरुआत का अवसर मिलने की उम्मीद है।
