नयी दिल्ली, 4 अप्रैल (UNS)। आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के नेताओं ने शनिवार को राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहा कि वह संसद में पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में कथित तौर पर विफल रहे हैं और उनकी चुप्पी निराशाजनक है।
एक संयुक्त बयान में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, आप के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा और पार्टी नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि कई महत्वपूर्ण मामलों पर चड्ढा की निष्क्रियता पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है।
चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा राज्यसभा के लिए चुने गए चड्ढा से राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के मुद्दों का सशक्त प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने इससे जुड़े “एक भी संवेदनशील मुद्दे” को संसद में नहीं उठाया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास निधि के लगभग 8,500 करोड़ रुपये के लंबित बकाया और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित करीब 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान जैसे प्रमुख वित्तीय मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से उजागर नहीं किया गया।
चीमा ने जीएसटी मुआवजे में बदलाव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्तपोषण से जुड़े मुद्दों के कारण हुए वित्तीय नुकसान का भी उल्लेख किया, जिन्हें सांसद कथित तौर पर उठाने में विफल रहे।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पंजाब में आई बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की पूरी राशि अभी तक राज्य को नहीं मिली है और यह मुद्दा भी संसद में नहीं उठाया गया।
चड्ढा की चुप्पी को निराशाजनक बताते हुए नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी को उनसे उम्मीद थी कि वे इन मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे, लेकिन उनकी निष्क्रियता पार्टी के मूलभूत सिद्धांतों के विपरीत है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि जनता के मुद्दों को निडर होकर उठाना पार्टी के मूलभूत सिद्धांतों में से एक है और पंजाब के लंबित वित्तीय तथा राहत संबंधी मामलों पर राष्ट्रीय स्तर पर लगातार ध्यान देने की आवश्यकता है।
