प्रीपेड मीटर व्यवस्था पर उठे सवाल, उद्योग व्यापार मंडल ने अधिशासी अभियंता को सौंपा ज्ञापन

शाहजहांपुर। शहर में लागू की जा रही प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानियों के बीच उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन के पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी और उपभोक्ताओं के शोषण का आरोप लगाते हुए कई अहम मांगें रखीं।

पदाधिकारियों ने कहा कि प्रीपेड मीटर प्रणाली उपभोक्ता सुविधा के नाम पर लागू की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह आम उपभोक्ताओं, खासकर व्यापारियों और मध्यम वर्ग के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रीपेड मीटर लगाए जाने से पूर्व उपभोक्ताओं द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी राशि को तत्काल वापस किया जाए, क्योंकि प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद इस राशि को रोके रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

संगठन ने बिजली कटौती को लेकर भी नाराजगी जताई और मांग की कि विभाग द्वारा रोस्टर निर्धारित कर उसे सार्वजनिक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना मिल सके और वे अपने कार्यों की योजना बना सकें।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में मीटर बदलने के बाद बिना उपभोक्ता की मौजूदगी और बिना निर्धारित प्रक्रिया के, लैब रिपोर्ट के आधार पर बिजली चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं पर एफआईआर दर्ज कर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।

उन्होंने कहा कि मीटर जांच से संबंधित सीलिंग सर्टिफिकेट उपभोक्ताओं को उपलब्ध नहीं कराया जाता, जिससे उन्हें जांच की तिथि, समय और स्थान की जानकारी नहीं मिल पाती। इससे भ्रष्टाचार और उत्पीड़न की आशंका बनी रहती है। ज्ञापन में मांग की गई कि लीगल मेट्रोलॉजी विभाग द्वारा मीटर की जांच अनिवार्य की जाए और प्रत्येक वर्ष मीटर परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इसकी स्पष्ट जिम्मेदारी विद्युत विभाग की तय की जाए।

संगठन ने यह भी मांग की कि प्रीपेड मीटर लगाते समय उपभोक्ताओं को मीटर का मैनुअल और गारंटी कार्ड अनिवार्य रूप से दिया जाए, ताकि वे अपने अधिकारों और तकनीकी जानकारी से अवगत रह सकें।

पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में प्रार्थनापत्र या शिकायत देने पर रसीद नहीं दी जाती, जिससे उपभोक्ताओं को बाद में परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने मांग की कि हर आवेदन और शिकायत पर रसीद देना अनिवार्य किया जाए तथा बिजली आपूर्ति और बिल सुधार से जुड़ी शिकायत दर्ज करते समय शिकायत पर्ची बनाकर उसकी प्रति उपभोक्ता को उपलब्ध कराई जाए।

इसके अलावा व्यापार मंडल ने मांग की कि प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जैसे अतिरिक्त शुल्क पूरी तरह समाप्त किए जाएं और बिल की गणना केवल उपभोक्ता द्वारा उपयोग की गई विद्युत यूनिट के आधार पर ही की जाए। यदि किसी मकान या प्रतिष्ठान में बिजली का उपयोग नहीं हो रहा है या भवन बंद रहता है, तो ऐसे मामलों में भी फिक्स और मिनिमम चार्ज समाप्त किए जाएं।

महानगर अध्यक्ष मोहम्मद सलाउद्दीन ने कहा कि संगठन उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग द्वारा समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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