लखनऊ मेट्रो में क्यूआर-आधारित टिकटिंग शुरू, मोबाइल से बुक कर सकेंगे यात्रा

लखनऊ, 16 फरवरी (RNN): शहरी परिवहन को अधिक स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम (यूपीएमआरसी) ने सोमवार को लखनऊ मेट्रो में क्यूआर-आधारित टिकट प्रणाली की शुरुआत कर दी। इस नई व्यवस्था के तहत यात्री अब कहीं से भी डिजिटल माध्यम से टिकट बुक कर सकेंगे और मेट्रो यात्रा को अधिक तेज, सरल और निर्बाध बना सकेंगे।

क्यूआर-आधारित टिकट प्रणाली का औपचारिक उद्घाटन हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने किया। इस अवसर पर जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि यात्री आधिकारिक मोबाइल एप ‘लखनऊ मेट्रो ऑफिशियल’, टिकट वेंडिंग मशीनों (टीवीएम) और टिकट काउंटरों के माध्यम से आसानी से क्यूआर टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

नयी प्रणाली के तहत मोबाइल ऐप से बुक किए गए टिकट डिजिटल क्यूआर कोड के रूप में सीधे यात्री के फोन पर उपलब्ध होंगे। वहीं, जिन यात्रियों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं है, वे स्टेशन स्थित टिकट काउंटर या निर्दिष्ट टिकट वेंडिंग मशीनों से पेपर-आधारित क्यूआर टिकट ले सकते हैं। क्यूआर टिकट धारक यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों के स्वचालित किराया संग्रह (एएफसी) गेट पर पीले रंग की पट्टी से चिह्नित स्कैनर पर कोड स्कैन करना होगा, जिसके बाद वे आसानी से प्रवेश और निकास कर सकेंगे।

मेट्रो प्रशासन ने जानकारी दी कि सभी स्टेशनों पर क्यूआर-कोड समर्थित नई टिकट वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं। यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्टेशन पर कम से कम एक क्यूआर-सक्षम टिकट मशीन और एक क्यूआर-समर्थित टिकट काउंटर उपलब्ध कराया गया है। इन मशीनों में यूपीआई भुगतान की सुविधा भी जोड़ी गई है, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, पारंपरिक टोकन आधारित टिकट प्रणाली भी पहले की तरह जारी रहेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुशील कुमार ने कहा कि क्यूआर आधारित टिकटिंग प्रणाली मेट्रो सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली ‘स्मार्ट ट्रैवल’ की अवधारणा पर आधारित है, जिससे यात्रियों को कतारों से मुक्ति मिलेगी और यात्रा अनुभव अधिक सहज होगा। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग से सार्वजनिक परिवहन सेवाएं अधिक सुलभ और कुशल बन रही हैं।

यूपीएमआरसी के अनुसार, अगले चरण में राष्ट्रीय साझा गतिशीलता कार्ड (एनसीएमसी) सुविधा भी लागू की जाएगी, जिससे यात्री देश के विभिन्न शहरों की मेट्रो सेवाओं में एक ही कार्ड से यात्रा कर सकेंगे। निगम ने बताया कि यह मॉडल पहले ही कानपुर और आगरा में लागू किया जा चुका है और अब लखनऊ में भी इसे शुरू करने की तैयारी है।

मेट्रो प्रशासन का मानना है कि नई क्यूआर टिकट प्रणाली से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि टिकटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। साथ ही डिजिटल भुगतान और स्मार्ट मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बन सकेगी।

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