वॉशिंगटन, 6 मार्च । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), सेना और पुलिस से तत्काल हथियार डालने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनके लिए गंभीर परिणाम होंगे और उनकी मौत तय हो सकती है।
व्हाइट हाउस में दिए गए बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है और ईरान की सैन्य क्षमता को तेजी से कमजोर किया जा रहा है। उनके मुताबिक अमेरिकी और इस्राइली बल हर घंटे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को नष्ट कर रहे हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि बीते तीन दिनों में ईरान की नौसेना के 24 जहाज नष्ट कर दिए गए हैं और उसकी वायु सेना तथा वायु रक्षा प्रणाली लगभग निष्क्रिय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व को समझ ही नहीं आ रहा कि उनके साथ क्या हो रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दुनिया भर में मौजूद ईरानी राजनयिकों से भी अपील की कि वे शरण लेने का विकल्प चुनें और अमेरिका के सहयोग से ईरान को नई दिशा देने में मदद करें। ट्रंप ने कहा कि भविष्य में ईरान में ऐसा नेतृत्व होना चाहिए जो अमेरिका और उसके पड़ोसी देशों के लिए खतरा न बने।
इससे पहले ट्रंप ईरान के संभावित नए नेतृत्व को लेकर भी अपना रुख साफ कर चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में उनकी भी भूमिका होनी चाहिए। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि वे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता बनाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। मोजतबा, मौजूदा सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान में ऐसा नेतृत्व सामने आना चाहिए जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता ला सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुराने कठोर विचारों वाले नेताओं को ही आगे लाया गया तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में बड़े संकट का रूप ले सकता है।
