लखनऊ, 17 मार्च , RNN। उत्तर प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पंप्ड स्टोरेज पावर (पीएसपी) परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया है। इस संबंध में नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ की अध्यक्षता में इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मंत्री नंदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीएसपी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही सभी नियामकीय और प्रक्रियागत बाधाओं को तय समयसीमा में दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाएंगी, बल्कि ऊर्जा भंडारण प्रणाली को भी मजबूत बनाएंगी, जिससे उत्तर प्रदेश पावर सरप्लस राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुदृढ़ करने और अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने परियोजना डेवलपर्स को हर संभव सहयोग का भरोसा देते हुए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
बैठक में वन और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी विसंगतियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भूमि आवंटन से संबंधित बाधाओं को खत्म करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा गया, ताकि परियोजनाएं बिना देरी के समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकें।
इस बैठक में प्रमुख ऊर्जा कंपनियों जैसे अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, टोरेंट पावर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, ग्रीनको एनर्जी और टीएचडीसी समेत 10 डेवलपर्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में आलोक कुमार और विजय किरण आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने डेवलपर्स को आश्वस्त किया कि भूमि और अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन से प्रदेश में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
