कुआलालंपुर, 8 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मलेशिया के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर भारत-मलेशिया के बीच बढ़ते व्यावसायिक संबंधों को और सुदृढ़ करने पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने भारत की विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों द्वारा दिखाई जा रही मजबूत रुचि की सराहना की और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने भारत में व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण, नीतिगत स्थिरता और हाल के वर्षों में किए गए संरचनात्मक सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से भारत एक स्थिर, कुशल और पूर्वानुमानित निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने सोशल मीडिया मंच पर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोनास के अध्यक्ष और समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी टैन तेंगकू मोहम्मद तौफिक से मुलाकात की। इस बैठक में ऊर्जा साझेदारियों को मजबूत करने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ ईंधन के नए अवसरों, विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने बर्जया समूह के संस्थापक विंसेंट टैन ची यिउन से भी बातचीत की, जिन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते सेवा और उपभोक्ता क्षेत्रों में अपने कारोबार का विस्तार करने की इच्छा जताई। वहीं फाइसन समूह के पुआ खिन सेंग ने भारत के उभरते तकनीक और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में भागीदारी को लेकर उत्साह व्यक्त किया।
इसके अलावा, अमीरुल फैसल वान जाहिर के साथ हुई बैठक में भारत के आर्थिक परिवर्तन और निवेश के लिए उच्च संभावनाओं वाले बाजार के रूप में उसकी भूमिका पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशियाई कंपनियों से बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा (एआई) और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।
उद्योग जगत के दिग्गजों ने भारत सरकार द्वारा किए गए सुधारों की सराहना करते हुए भारत की विकास यात्रा में गहरा विश्वास जताया। उन्होंने भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने, निवेश पोर्टफोलियो बढ़ाने और भारतीय साझेदारों के साथ संयुक्त उद्यम की संभावनाएं तलाशने में गहरी रुचि व्यक्त की।
