पीएम मोदी ने किया नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, 11,200 करोड़ की परियोजना से रोजगार और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

नोएडा, 28 मार्च 2026 (UNS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के प्रथम चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

करीब 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित इस हवाई अड्डे के पहले चरण के साथ एक आधुनिक कार्गो हब का भी उद्घाटन किया गया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिरोजाबाद में बनी कांच की गौतम बुद्ध की प्रतिमा प्रधानमंत्री को स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नया उत्तर प्रदेश विकास की यात्रा में एक और स्वर्णिम शिखर को छूने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेवर का यह हवाई अड्डा प्रदेश के विकास का रनवे बनेगा, जहां से युवाओं के सपने उड़ान भरेंगे और नई संभावनाएं साकार होंगी।

प्रशासन के अनुसार, इस कार्यक्रम में लगभग 1.5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई थी, जिसके लिए पार्किंग और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। आसपास के जिलों—हापुड़, बुलंदशहर और गाजियाबाद—से आने वाले लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए रंग आधारित पहचान (कलर कोडिंग) प्रणाली लागू की गई।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों से जोड़ते हुए एक बहु-मॉडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसमें एक आधुनिक कार्गो हब भी शामिल है, जिसकी शुरुआती माल ढुलाई क्षमता प्रतिवर्ष 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक होगी, जिसे भविष्य में लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकेगा।

हवाई अड्डे की प्रारंभिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष निर्धारित की गई है, जिसे आगे बढ़ाकर सात करोड़ यात्रियों तक किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित की गई है और यह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का पूरक बनेगी।

सरकार का मानना है कि इस हवाई अड्डे के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और दिल्ली-एनसीआर को वैश्विक विमानन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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