जेएनयूएसयू की रायशुमारी में 2,100 से अधिक छात्रों ने कुलपति के इस्तीफे के पक्ष में मतदान

नई दिल्ली, 11 मार्च । जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्र संघ द्वारा आयोजित रायशुमारी में 2,100 से अधिक छात्रों ने कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित के इस्तीफे के पक्ष में मतदान किया। इस रायशुमारी के परिणाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने बुधवार को जारी किए।

जेएनयूएसयू की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि रायशुमारी में कुल 2,409 छात्रों ने मतदान किया। इनमें से 2,181 छात्रों (90.54 प्रतिशत) ने कुलपति के पद पर बने रहने के खिलाफ मतदान किया। उन्होंने कहा कि मतदान करने वाले 90 प्रतिशत से अधिक छात्रों का मानना है कि कथित जातिवादी टिप्पणियों के बाद कुलपति को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

रायशुमारी के नतीजों के अनुसार 207 छात्रों (8.59 प्रतिशत) ने कुलपति के पद पर बने रहने के पक्ष में मतदान किया, जबकि 21 मत (0.87 प्रतिशत) अमान्य घोषित किए गए।

इस मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा पूछे गए सवालों का भी प्रशासन ने जवाब नहीं दिया।

छात्र संघ ने यह भी घोषणा की है कि अगले सप्ताह कुलपति के खिलाफ एक जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। अदिति मिश्रा ने बताया कि 16 और 17 मार्च को प्रस्तावित इस जनसुनवाई में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, वकीलों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान कुलपति के कथित भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों से जुड़ा एक विस्तृत आरोप पत्र भी पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रसंघ के बीच पिछले कुछ समय से कई मुद्दों को लेकर टकराव बना हुआ है। विश्वविद्यालय द्वारा जेएनयूएसयू के चार पदाधिकारियों और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नीतीश कुमार को दो सेमेस्टर के लिए निलंबित किए जाने के बाद फरवरी की शुरुआत से ही परिसर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

ये निलंबन आदेश 21 नवंबर 2025 को डॉ. बी. आर. आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में जारी किए गए थे।

इसके बाद निलंबन आदेश वापस लेने की मांग को लेकर परिसर में कई बार प्रदर्शन हुए। इस दौरान वामपंथी और दक्षिणपंथी छात्र संगठनों के बीच झड़पें भी हुईं और कुलपति की कथित जातिवादी टिप्पणियों को लेकर छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के एक वर्ग ने भी कड़ी आपत्ति जताई। इन्हीं घटनाओं के मद्देनजर जेएनयूएसयू ने विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों में रायशुमारी करवाई थी।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *