चार क्षेत्रों में रैलियों के साथ निषाद पार्टी का चुनावी आगाज़

लखनऊ, 17 मार्च। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में निषाद पार्टी ने अपने चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज़ करने के लिए प्रदेश के चार प्रमुख क्षेत्रों में विशाल रैलियां आयोजित करने का ऐलान किया है।

पार्टी के अनुसार गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में चरणबद्ध तरीके से जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इसकी शुरुआत 22 मार्च 2026 को महंत दिग्विजयनाथ पार्क, गोरखपुर में प्रस्तावित रैली से होगी, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की उम्मीद है।

पार्टी का कहना है कि इन रैलियों के जरिए वह अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। खासकर मझवार/तुरैहा समाज को अनुसूचित जाति (SC) में शामिल करने की मांग को प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने रखा जाएगा।

निषाद पार्टी का मानना है कि केवट, मल्लाह, बिंद, मांझी, कहार, धीवर, बाथम और कश्यप जैसे समुदाय सामाजिक और आर्थिक रूप से एक ही वर्ग से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समान संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। इसके अलावा पार्टी मछुआ समाज को नदी, बालू खनन और पुश्तैनी घाटों पर पारंपरिक अधिकारों की बहाली तथा वर्ग-3 की भूमि को पुनः आरक्षित करने की भी मांग उठा रही है।

राजनीतिक दृष्टि से इन रैलियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्वांचल में मजबूत पकड़ रखने वाली पार्टी अब मेरठ के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

संगठनात्मक स्तर पर भी पार्टी ने प्रदेश के 88 जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है, जिससे जमीनी स्तर पर जनसंपर्क और चुनावी तैयारियों को गति मिलेगी।

पार्टी नेताओं का कहना है कि ये रैलियां केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके माध्यम से निषाद पार्टी आगामी चुनावों में अपनी निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करना चाहती है।

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