10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर में निकाय कर्मचारियों का प्रदर्शन, कार्यबंदी की चेतावनी

लखनऊ, 19 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर प्रदेशभर के निकाय कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं और 10 सूत्रीय मांग पत्र के समाधान न होने के विरोध में सोमवार को गेट मीटिंग और प्रदर्शन किया। लखनऊ सहित प्रदेश की सभी इकाइयों में कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागाध्यक्षों के माध्यम से माननीय मंत्री नगर विकास एवं प्रमुख सचिव नगर विकास को ज्ञापन भेजा।

महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में प्रेषित 10 सूत्रीय मांग पत्र का अब तक कोई समाधान न होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। इसी क्रम में 19 जनवरी को दोपहर भोजनावकाश के समय सभी इकाइयों में ज्ञापन प्रेषित कर मांगों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की गई।

महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि पूर्व में हुई बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुसार संबंधित आदेश समय रहते जारी नहीं किए गए, तो 18 फरवरी तक एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। इसके साथ ही महासंघ ने स्पष्ट किया कि यदि प्रदेश सरकार और शासन को भेजे गए ज्ञापन के साथ संलग्न 10 सूत्रीय मांग पत्र का निस्तारण निर्धारित समय में नहीं हुआ, तो 19 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन कार्यबंदी शुरू की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और शासन की होगी।

महासंघ ने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से अपनी व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए लगातार ध्यानाकर्षण आंदोलन करता आ रहा है, लेकिन खेद का विषय है कि अब तक नगर विकास मंत्री और प्रमुख सचिव नगर विकास स्तर से कोई ठोस व सकारात्मक निर्णय या आदेश जारी नहीं हो सका है। इससे पूरे प्रदेश के सफाई कर्मचारियों सहित अन्य सभी संवर्गों और निकायों में व्यापक असंतोष व्याप्त है।

महासंघ ने पुनः प्रदेश सरकार और शासन से मांग की है कि समय रहते 10 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। अन्यथा पूर्व घोषित और स्थगित आंदोलन तथा कार्यबंदी करना महासंघ की मजबूरी होगी, जिसका प्रभाव प्रदेश की आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ेगा।

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