चंडीगढ़, 27 फरवरी ।हरियाणा के सोनीपत स्थित ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के एक एसोसिएट प्रोफेसर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कथित तुलना एडॉल्फ हिटलर से करने के आरोप में एक सेमेस्टर के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक छात्र के अभिभावक द्वारा हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद की गई।
शिकायतकर्ता विश्व बजाज ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र, प्रथम वर्ष के छात्र विख्यात बजाज, को विश्वविद्यालय में उत्पीड़न, अपमान और भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उसके मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने बताया कि छात्र ने 31 अक्टूबर 2025 को उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक विषय पर एक निबंध लिखा था, जिसके बाद 3 नवंबर को कक्षा में उसके साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ।
आरोप के अनुसार, 7 नवंबर को “प्रतिनिधित्व की राजनीति” विषय की कक्षा के दौरान संबंधित प्रोफेसर ने ऐसी टिप्पणियां कीं जिन्हें शिकायतकर्ता ने “राजनीतिक रूप से अपमानजनक और भड़काऊ” बताया। शिकायत में कहा गया कि कक्षा में राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों पर टिप्पणी की गई और प्रधानमंत्री की तुलना जर्मन तानाशाह से की गई, जिससे छात्र आहत हुआ।
मामले में छात्र द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित शिकायत देने पर आंतरिक जांच कराई गई। जांच में छात्र को संबंधित विषय में अनुत्तीर्ण करना अनुचित पाया गया, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने उसका परिणाम संशोधित करते हुए आंतरिक मूल्यांकन में उत्तीर्ण घोषित कर दिया। हालांकि, छात्र के पिता का दावा है कि इस घटना के बाद कुछ शिक्षक उनके पुत्र के प्रति नाराजगी का भाव रखते हैं, जिससे वह मानसिक दबाव में है।
विश्वविद्यालय की मुख्य संचार अधिकारी अंजू मोहन ने कहा कि मामला विधिक प्रक्रिया के अनुसार मानवाधिकार आयोग के समक्ष विचाराधीन है और संस्थान आयोग के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन कर रहा है। आयोग ने 16 जनवरी को सोनीपत पुलिस आयुक्त और विश्वविद्यालय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी तथा कुलपति को 13 मई को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
घटना ने शैक्षणिक परिसर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षण वातावरण और छात्र-शिक्षक संबंधों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि निष्पक्ष जांच और संस्थागत मानकों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
